Sat, 10 Jan 2026 20:00:06 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी/रामनगर: धर्म और संस्कृति की राजधानी काशी के रामनगर की फिजाओं में आज एक अलग ही उत्साह और देशभक्ति की सुगन्ध घुली हुई है। यह अवसर किसी सामान्य सफलता का नहीं, बल्कि एक साधारण परिवार के चिराग द्वारा अपनी मेहनत की कलम से सफलता की नई इबारत लिखने का है। रामनगर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'सृजन कोचिंग' के होनहार और जुझारू छात्र राजू यादव ने भारतीय सेना की गौरवशाली अग्निवीर योजना में चयनित होकर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है, बल्कि अपने गुरु और पूरे क्षेत्र का मान भी बढ़ाया है। राजू के चयन की खबर जैसे ही रामनगर में फैली, मानो खुशियों का ज्वार उमड़ पड़ा हो; हर जुबान पर सिर्फ राजू के संघर्ष और सफलता की ही चर्चा है।
भारतीय सेना की वर्दी पहनने का सपना, जो हज़ारों युवा अपनी आँखों में संजोते हैं, उसे हकीकत में बदलना लोहे के चने चबाने जैसा होता है, लेकिन राजू यादव ने साबित कर दिया कि यदि इरादों में हिमालय सी अटल तासीर हो, तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। राजू के चयन के बाद सृजन कोचिंग संस्थान में उत्सव का माहौल है। ढोल-नगाड़ों की थाप और मिठाइयों की मिठास के बीच, हर कोई इस बात से सहमत है कि भारत सरकार की अग्निवीर योजना युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा का एक स्वर्णिम द्वार है। राजू की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज बनकर उभरी है, जो यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आ सकती, बशर्ते मार्गदर्शन सही हो और मेहनत ईमानदार।
अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय देते हुए भावुक राजू यादव ने कहा कि यह जीत उनकी अकेले की नहीं है। उन्होंने अत्यंत विनम्रता के साथ बताया कि वह एक कच्ची मिट्टी की तरह थे, जिन्हें एक मज़बूत आकर देने का काम उनके गुरु और मेंटर, सृजन कोचिंग के संस्थापक सृजन श्रीवास्तव ने किया। राजू ने कहा, "मेरे हौसलों को जब भी थकान महसूस हुई, मेरे गुरु सृजन सर ने मुझे थाम लिया और मेरे माता-पिता के आशीर्वाद ने मुझे कभी रुकने नहीं दिया। आज मैं जो कुछ भी हूँ, अपने गुरु के मार्गदर्शन और माता-पिता के त्याग की बदौलत हूँ।" राजू का यह कथन गुरु-शिष्य परंपरा की उस पवित्रता को दर्शाता है, जो आज के दौर में विरले ही देखने को मिलती है।
वहीं, अपने शिष्य की इस गगनचुंबी सफलता पर सृजन कोचिंग के फाउंडर सृजन श्रीवास्तव का चेहरा गर्व से दमक रहा था। उन्होंने राजू को गले लगाते हुए बताया कि राजू यादव शुरू से ही एक अद्वितीय प्रतिभा का धनी रहा है। उन्होंने कहा, "राजू सिर्फ़ एक मेहनती छात्र ही नहीं, बल्कि एक बेहद अनुशासित और दृढ़ संकल्पी युवा है। उसकी आँखों में सेना में जाने की जो चमक मैंने पहले दिन देखी थी, वह आज उसकी वर्दी की चमक में बदल गई है।"
सृजन श्रीवास्तव ने आगे कहा कि राजू की यह सफलता कोचिंग के अन्य छात्रों के लिए एक 'पावर हाउस' की तरह काम करेगी और उन्हें विश्वास दिलाएगी कि सही दिशा में किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। रामनगर का यह लाल अब देश की सरहदों का प्रहरी बनेगा, यह सोचकर ही पूरे नगरवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।