Fri, 09 Jan 2026 20:02:15 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक और ऐतिहासिक और सराहनीय अध्याय जोड़ते हुए चौक थाना क्षेत्र में हुई करोड़ों की चोरी का पर्दाफाश महज 48 घंटों के भीतर कर दिया है। चौक थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने अपनी कुशल कार्यशैली और त्वरित एक्शन का परिचय देते हुए न केवल घटना में शामिल पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके कब्जे से चोरी किए गए शत-प्रतिशत आभूषण भी बरामद कर लिए हैं। बरामद किए गए 'पीली धातु' (सोने) के आभूषणों का कुल वजन लगभग 2122 ग्राम है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस तत्परता और सटीक विवेचना ने शहर के व्यापारियों और आम जनमानस में सुरक्षा के प्रति विश्वास को और गहरा कर दिया है। इस सफलता पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
घटना के विस्तृत ब्यौरे और पुलिसिया कार्रवाई का खुलासा करते हुए पुलिस उपायुक्त (अपराध) सरवणन टी. ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वादी द्वारा 6 जनवरी को पुलिस को सूचना दी गई थी कि 5 जनवरी को उनके फर्म में बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया, जिसमें करोड़ों रुपये के सोने के जेवरात गायब थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में चौक प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा और एसओजी प्रभारी की एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के सटीक नेटवर्क का परिणाम यह रहा कि पुलिस ने बेनिया कूड़ा खाना और कैंट मालगोदाम के पास घेराबंदी कर पांचों अभियुक्तों को दबोच लिया। यह पुलिस की मुस्तैदी ही थी कि चोर माल को कहीं खपा पाते, उससे पहले ही कानून के शिकंजे में आ गए।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से बरामदगी की सूची बेहद चौंकाने वाली है, जो इस बात की तस्दीक करती है कि पुलिस ने कितनी बड़ी संपत्ति को रिकवर किया है। बरामद सामान में 20 छोटे-बड़े हार, 30 जोड़ी कनौती, 79 गले का दर, 400 अंगूठियां, 69 मंगलसूत्र के लॉकेट, 11 जोड़ी बृजबाली और 68 गुटी झुमका शामिल हैं। इन सभी आभूषणों का कुल वजन 2 किलो 112 ग्राम है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान दीपेश चौहान (निवासी मडियाहूं, जौनपुर), विकास बेनबंशी, शुभम विश्वकर्मा और सैनुद्दीन अंसारी (तीनों निवासी खानपुर, गाजीपुर) तथा तारक घोराई (निवासी पश्चिमी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 ए के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। यह गिरोह अंतरराज्यीय कड़ियों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिसमें स्थानीय और बाहरी अपराधियों का गठजोड़ था।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में चौक प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, एसओजी प्रभारी उ.नि. गौरव कुमार सिंह, उ.नि. पुष्कर दूबे, उ.नि. प्रणव पाण्डेय, उ.नि. प्रकाश सिंह चौहान, उ.नि. आलोक कुमार यादव और उ.नि. भरत पाण्डेय ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा टीम में हेड कांस्टेबल दिलीप सिंह, चंद्रभान यादव, संतोष पासवान और कांस्टेबल श्यामू, अमित कुमार, मानवेन्द्र सिंह, भोलू खरवार, कुंवर बहादुर सिंह, पवन तिवारी, मयंक त्रिपाठी, दिनेश कुमार, मनीष बघेल, अंकित मिश्रा, रामाशंकर यादव, आलोक मौर्य, अश्वनी कुमार सिंह व प्रशांत तिवारी शामिल रहे। पुलिस आयुक्त द्वारा घोषित एक लाख के इनाम ने इस जांबाज टीम के मनोबल को और बढ़ा दिया है।