वाराणसी: अवैध निर्माण पर वीसी का चाबुक, दो कर्मियों की सेवा समाप्त और जोनल अधिकारी पर कार्रवाई की सिफारिश

वाराणसी वीडीए ने अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो कर्मचारियों को बर्खास्त किया और जोनल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

Wed, 07 Jan 2026 22:00:28 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहर में चल रहे अनियंत्रित और अवैध निर्माण कार्यों के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी और कड़े संदेश वाली प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बुधवार का दिन प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाला साबित हुआ, जब जोन-2 में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्यों पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहे जिम्मेदार तंत्र पर सीधे तौर पर गाज गिरी। यह कार्रवाई केवल एक विभागीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक चेतावनी है।

दरअसल, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्वयं जोन-02 क्षेत्र का औचक स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे चौंकाने वाली थीं। व्यापक स्तर पर अवैध प्लॉटिंग का खेल चल रहा था और बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी थे। उपाध्यक्ष ने मौके पर ही पाई गई अनियमितताओं पर बेहद कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट कर दिया कि विकास प्राधिकरण की छवि और शासन के निर्देशों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उपाध्यक्ष द्वारा किए गए इस गहन निरीक्षण में प्रथम दृष्टया यह साफ हो गया कि संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी अपनी ड्यूटी के प्रति घोर उदासीन थे। अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाना न केवल उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यह सीधे तौर पर शासकीय निर्देशों की अवहेलना भी है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए जांच के तुरंत बाद कड़े फैसले लिए गए। जोन-2 में तैनात फील्ड कार्मिक दीपक विश्वकर्मा और विवेक गुप्ता को उनकी लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, मामले की गंभीरता यहीं खत्म नहीं हुई; जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार की भूमिका को भी संदिग्ध और लचर मानते हुए उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई हेतु शासन को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। प्राधिकरण द्वारा शासन को विस्तृत जांच रिपोर्ट, सभी संबंधित तथ्य और अभिलेख उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि एक नजीर पेश करने वाली कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इस कार्रवाई के माध्यम से वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने प्राधिकरण के समस्त जोनल अधिकारियों, अभियंताओं, सुपरवाइजरों और फील्ड स्टाफ को स्पष्ट और दो-टूक संदेश दिया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया है कि शहर में ईंट रखने से पहले मानचित्र की स्वीकृति अनिवार्य होगी और यदि कोई भी निर्माण बिना अनुमति के पाया जाता है, तो उसे तत्काल ध्वस्त करने के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी।

वीडीए ने साफ कर दिया है कि अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ उनका अभियान 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर ही चलेगा। भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर चाहे वह छोटा कर्मचारी हो या बड़ा अधिकारी लापरवाही, उदासीनता या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम प्रशासनिक और विभागीय दंड सुनिश्चित किया जाएगा, जैसा कि बुधवार की कार्रवाई में देखने को मिला है।

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