अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन तेज, उपस्थिति और परिणाम रोकने को लेकर गेट बंद
अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। सुबह छात्रों ने इंजीनियरिंग कॉलेज का मुख्य द्वार बंद कर दिया, जिसके कारण निर्धारित परीक्षाओं में कई छात्र शामिल नहीं हो सके। परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
कम उपस्थिति के आधार पर परिणाम रोके जाने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कम उपस्थिति के आधार पर कई विद्यार्थियों के परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि परिणाम रोके जाने के कारण वे आगामी परीक्षाओं में बैठने से वंचित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेज गेट पर धरना और नारेबाजी की।
छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन इस सत्र में उपस्थिति मानकों को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध दिशा निर्देश नहीं दिए गए। उनका कहना है कि कई विद्यार्थियों को समय पर यह जानकारी नहीं दी गई कि उनकी उपस्थिति कम है और परिणाम रोके जा सकते हैं।
मुख्य द्वार पर जाम और प्रशासन से वार्ता की मांग
सोमवार सुबह छात्रों ने इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य द्वार पर जाम लगाकर विरोध जताया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और उपस्थिति तथा बैकलॉग से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी उपस्थिति और निरस्त परिणामों से संबंधित मुद्दों का समाधान नहीं होता, वे परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे।
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए परीक्षाएं प्रभावित हुईं। कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
बातचीत शुरू, लेकिन समाधान पर सहमति नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत शुरू की। प्रारंभिक स्तर पर वार्ता होने से स्थिति में कुछ नरमी आई, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि लिखित रूप में स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
प्रशासन का पक्ष अभी औपचारिक रूप से सामने नहीं आया है, हालांकि सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय उपस्थिति नियमों में किसी भी प्रकार की ढील देने से पहले अकादमिक मानकों और नियामकीय प्रावधानों की समीक्षा कर रहा है।
शैक्षणिक सत्र पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गतिरोध लंबे समय तक बना रहा तो शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित हो सकता है। परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में विलंब से आगामी सत्र की समयसारिणी भी प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन छात्र स्पष्ट समाधान की मांग पर कायम हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन और छात्रों के बीच होने वाली वार्ता से ही यह तय होगा कि विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
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