जब्त कार छुड़ाने पहुंचे पुलिसकर्मी, मिर्जामुराद चौकी पर हंगामा, धौंस दबाव और टकराव ने खोली परतें
वाराणसी: मिर्जामुराद क्षेत्र में कानून के शिकंजे में फंसी एक कार को छुड़ाने की कोशिश ने सोमवार को कछवांरोड चौकी को अचानक विवाद के केंद्र में ला खड़ा किया। बीते वर्ष हुए एक सड़क हादसे में मौत के मामले में सीज की गई कार को मुक्त कराने के प्रयास में रामनगर थाने से जुड़े कुछ पुलिसकर्मी चौकी पहुंचे, जिसके बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। खुद को मीडियाकर्मी बताकर दबाव बनाने की कोशिश, तीखी बहस और टकराव जैसी स्थिति के बीच चौकी परिसर में देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
सड़क हादसे से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा प्रकरण 13 मई 2025 को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे से जुड़ा है। मिर्जामुराद क्षेत्र के बिहड़ा गांव के पास भदोही निवासी संतोषी देवी अपने भाई सहदेव के साथ बाइक से जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में संतोषी देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया, लेकिन मृतका के भाई ने भागती कार की तस्वीर खींच ली थी, जो आगे चलकर जांच का अहम आधार बनी।
मृतका के पति मनोज कुमार की तहरीर पर मिर्जामुराद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वाहन का नंबर और उसके स्वामी की जानकारी जुटाई।
बिहार से बरामद हुई कार
जांच के क्रम में कछवांरोड चौकी प्रभारी रामचन्द्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बीते शुक्रवार को बिहार के औरंगाबाद जिले के जगदीशपुर निवासी सौरभ कुमार के घर से कार बरामद की। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वाहन को सीज कर चौकी परिसर में खड़ा कर दिया गया। रविवार को सौरभ अपने परिजनों के साथ चौकी पहुंचा, जहां उससे पूछताछ की गई।
कार छुड़ाने पहुंचे पुलिसकर्मी, बढ़ा विवाद
सोमवार को मामले ने नया मोड़ लिया, जब रामनगर थाने से जुड़े एक सिपाही अपने एक साथी के साथ चौकी पहुंचे। दोनों ने खुद को पत्रकार बताते हुए चौकी प्रभारी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और आरोपी युवक को कार समेत छोड़ने की मांग करने लगे। जब उनसे पहचान और संबंधित दस्तावेज मांगे गए, तो उन्होंने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय दबाव की रणनीति अपनाई।
स्थिति धीरे धीरे तनावपूर्ण हो गई और बहस बढ़ते बढ़ते टकराव की स्थिति तक पहुंच गई। चौकी परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के बीच काफी देर तक हंगामे जैसा माहौल बना रहा।
सूचना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
चौकी प्रभारी रामचन्द्र यादव ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मिर्जामुराद थाना प्रभारी को सूचना दी और उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया। इसी दौरान खुद को पत्रकार बताने वाले सिपाही के समर्थन में रामनगर क्षेत्र से ही एक अन्य चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
संयम से संभाली गई स्थिति, जांच शुरू
हालांकि कछवांरोड चौकी की टीम ने संयम बनाए रखा और किसी भी दबाव में आए बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना न केवल एक सड़क हादसे की जांच से जुड़ी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब कानून व्यवस्था से जुड़े लोग ही नियमों से समझौता करने की कोशिश करते हैं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक हो जाता है। फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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