आजमगढ़ में 1999 के हत्याकांड में 12 को आजीवन कारावास, ऑपरेशन कनविक्शन की सफलता

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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आजमगढ़ में 1999 के बहुचर्चित हत्या कांड में 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

आजमगढ़ में 1999 के हत्या कांड में 12 दोषियों को आजीवन कारावास, ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मिली सफलता

जनपद आजमगढ़ में ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत जनपदीय पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 1999 के बहुचर्चित हत्या प्रकरण में 12 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। दिनांक 17 फरवरी 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय आजमगढ़ ने सभी 12 अभियुक्तों को हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास तथा 66500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

30 अप्रैल 1999 को दर्ज हुआ था मुकदमा

मामला थाना मुबारकपुर से जुड़ा है। दिनांक 30 अप्रैल 1999 को वादी नासिर हुसैन पुत्र मोहम्मद अय्यूब निवासी पुरानी बस्ती बखरी थाना मुबारकपुर ने थाने पर लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि अभियुक्तगण ने उनके चाचा अली अकबर को मोहर्रम के जुलूस से लौटते समय मारपीट कर हत्या कर दी और सिर काटकर शव को राजा भाट के पोखरे में छिपा दिया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

प्रकरण में थाना मुबारकपुर पर मुकदमा संख्या 94 वर्ष 1999 धारा 147, 148, 149, 302, 120 बी और 201 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विस्तृत विवेचना के उपरांत पुलिस द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

आठ गवाहों की हुई परीक्षा

मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषी माना।

इन अभियुक्तों को हुई सजा

न्यायालय द्वारा जिन अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, उनमें अफजाल पुत्र अब्दुल खालिक, अलाउद्दीन पुत्र अब्दुल मन्नान, दिलशाद पुत्र इरशाद अहमद, वसीम अहमद पुत्र कमरुद्दीन, मोहम्मद असहद पुत्र मोहम्मद नजीर, हुसैन अहमद पुत्र इद्रीश निवासीगण हैदराबाद थाना मुबारकपुर, मोहम्मद अय्यूब फैजी पुत्र हाजी मोहम्मद सुलेमान, फहीम अख्तर पुत्र हाजी मोहम्मद सुलेमान, असरार अहमद पुत्र इरशाद अहमद, मोहम्मद याकूब पुत्र हाजी मोहम्मद सुलेमान निवासीगण दुलहनपारा थाना मुबारकपुर, अली जहीर पुत्र अहमद अली तथा इरशाद अहमद पुत्र नेसार निवासी पुरा सोफी थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ शामिल हैं। सभी को प्रत्येक के लिए आजीवन कारावास और 66500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह फैसला ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत की गई सशक्त पैरवी और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। लंबे समय से लंबित गंभीर मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस निर्णय को जनपदीय पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी संगीन अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो और समाज में न्याय का संदेश पहुंचे।