अजय राय के नेतृत्व में लखनऊ विधानसभा घेराव में वाराणसी से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में वाराणसी से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। कार्यक्रम से पहले शासन और प्रशासन द्वारा कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने की सूचना सामने आई थी। इसके बावजूद वाराणसी से कार्यकर्ताओं का जत्था लखनऊ पहुंचा और प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हुआ।
प्रशासनिक दबाव के बावजूद लखनऊ पहुंचे कार्यकर्ता
कांग्रेस नेताओं के अनुसार देर रात से ही प्रशासनिक स्तर पर नजरबंदी की कार्रवाई की जा रही थी, ताकि कार्यकर्ता लखनऊ न पहुंच सकें। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर वाराणसी से महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए और लखनऊ पहुंचे।
राघवेंद्र चौबे ने दिया संघर्ष का संदेश
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि प्रशासनिक दबाव और नजरबंदी जैसी कार्रवाइयां कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और जब भी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं, सत्ता को जनता की आवाज सुननी पड़ी है। उनके अनुसार अब समय है कि कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा और एकजुटता के साथ जनता के मुद्दों को उठाएं।
किसानों और युवाओं के मुद्दों पर उठाई आवाज
विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी, महंगाई और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे जनहित के सवालों को सड़क से सदन तक उठाते रहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।
अन्य नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के साथ फ़साहत हुसैन बाबू, सतनाम सिंह, युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा, अशोक सिंह, राजू राम, राजेश त्रिपाठी, सैयद आदिल, गिरीश पांडेय, प्रिंस राय, परवेज खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रदर्शन में भाग लिया और संगठनात्मक एकता का प्रदर्शन किया।
अजय राय ने किया कार्यकर्ताओं को संबोधित
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के प्रशासनिक दबाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि विधानसभा घेराव कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना था। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
