बलिया में गुरुवार को गणतंत्र दिवस से चार दिन पहले देशभक्ति के माहौल में युवाओं ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा युवाओं के जोश और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बनी। कार्यक्रम का नेतृत्व पीयूष सिंह बागी ने किया। सुबह से ही युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में युवक यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया।
तिरंगा यात्रा के दौरान युवाओं ने कुंवर सिंह चौराहा स्थित वीरवर बाबू कुंवर सिंह की प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और उन्हें नमन किया। इसके बाद यात्रा जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची, जहां युवाओं ने श्रद्धा के साथ पुष्प अर्पित किए। इन महापुरुषों के बलिदान और योगदान को याद करते हुए युवाओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
इस अवसर पर पीयूष सिंह बागी ने कहा कि तिरंगा यात्रा निकालने का उद्देश्य युवाओं के भीतर देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है और राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नारों तक सीमित न रहें बल्कि अपने कार्य और आचरण से भी देश की उन्नति में योगदान दें। शिक्षा समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में युवाओं को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी एक स्वर में कहा कि इस तरह की तिरंगा यात्राएं आने वाली पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को जागृत करती हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाने का अवसर होते हैं। यात्रा के समापन पर सभी ने देश की एकता अखंडता और समृद्धि के लिए संकल्प लिया।
इस तिरंगा यात्रा में अधिवक्ता आनंद सिंह सहित कई युवा और समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने अनुशासन और शांति के साथ यात्रा को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के राष्ट्रप्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं को देश के इतिहास और मूल्यों से जोड़ा जा सके।
