बनारस में 12 फरवरी को बिजलीकर्मियों का विरोध प्रदर्शन, देशव्यापी हड़ताल को समर्थन
इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026, बिजली के निजीकरण तथा श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में 12 फरवरी को देशभर में आयोजित हड़ताल के समर्थन में बनारस के बिजलीकर्मी भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले यह प्रदर्शन भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर परिसर में दोपहर एक बजे लंच ऑवर के दौरान आयोजित किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को शहर के विभिन्न विद्युत कार्यालयों में जनसंपर्क कर कर्मचारियों को आंदोलन के प्रति जागरूक किया।
27 लाख कर्मचारी और अभियंता रहेंगे हड़ताल पर
संघर्ष समिति के अनुसार नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर में लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता 12 फरवरी को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2026 तथा प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में की जा रही है। साथ ही पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी प्रमुख मांगों में शामिल है।
भिखारीपुर में होगा प्रदर्शन
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बनारस के कज्जाकपुरा, पहड़िया, इमिलियाघाट, चिरईगांव सहित विभिन्न कार्यालयों में दौरा कर कर्मचारियों को आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराया गया। बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता दोपहर 12 बजे से भिखारीपुर पहुंचना शुरू करेंगे और निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने, संविदा कर्मियों की छंटनी रोकने, नियमितीकरण तथा पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
निजीकरण और आउटसोर्सिंग पर उठाए सवाल
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। उनका कहना है कि वितरण, उत्पादन और ट्रांसमिशन क्षेत्र में निजीकरण से गरीब उपभोक्ताओं, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हित प्रभावित होंगे। समिति ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग भी दोहराई है।
किसान और ट्रेड यूनियनों का समर्थन
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के अनुसार पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। समिति का दावा है कि कर्मचारियों, इंजीनियरों, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल औद्योगिक कार्रवाई के स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जनसंपर्क अभियान जारी
जनसंपर्क कार्यक्रम को ई0 मायाशंकर तिवारी, ओ0पी0 सिंह, ई0एस0के0 सिंह, राजेन्द्र सिंह, अंकुर पाण्डेय, संदीप कुमार, जयप्रकाश, राजेश सिंह, देवेंद्र सिंह, अनुराग सिंह, अरुण कुमार और एस0के0 भूषण सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।
