उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस को बड़ी और अहम सफलता मिली है। जिले में सक्रिय अवैध असलहा तस्करी पर करारा प्रहार करते हुए थाना कलवारी थाना नगर पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध असलहा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात थाना कलवारी क्षेत्र के मांझा खुर्द गांव में श्मशान घाट के पीछे स्थित एक निर्जन स्थान पर की गई जहां लंबे समय से चोरी छिपे हथियार तैयार किए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने सुनियोजित ढंग से मौके पर छापा मारा। वहां एक भट्ठी जलाकर अवैध तमंचा और कारतूस बनाए जा रहे थे। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद अभियुक्त भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के चलते उसे वहीं पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए जिससे यह साफ हो गया कि यहां संगठित तरीके से अवैध असलहा निर्माण किया जा रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अम्बेडकरनगर जिले के इलफातगंज निवासी ताज मोहम्मद पुत्र तैयब के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से दो अवैध देशी तमंचा बारह बोर दो अवैध देशी तमंचा तीन सौ पंद्रह बोर एक निर्मित देशी तमंचा तीन सौ पंद्रह बोर दो स्वनिर्मित जिंदा कारतूस बारह बोर और एक खोखा कारतूस बारह बोर बरामद किया है। इसके साथ ही हथियार और कारतूस बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए। यह गिरफ्तारी रात करीब दो बजे की गई जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह पहले अपने घर पर ही तमंचा और कारतूस बनाकर चोरी छिपे बेचता था। जब पुलिस की सक्रियता बढ़ी और दबिश का खतरा बढ़ा तो उसने जगह बदल ली और सुनसान इलाकों में रात के अंधेरे में हथियार तैयार करने लगा। उसका मकसद था कि किसी को भनक न लगे और वह आसानी से अवैध हथियारों की सप्लाई कर सके।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ थाना कलवारी में आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ताज मोहम्मद का आपराधिक इतिहास रहा है और वह वर्ष दो हजार पंद्रह में भी आयुध अधिनियम के एक मामले में बस्ती कोतवाली थाना से जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस सफलता को जिले में अवैध असलहा कारोबार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
