सिद्धार्थ विश्वविद्यालय: बीकॉम माइनर पेपर पैटर्न बदला, ए पी एन डिग्री कॉलेज में ABVP छात्रों का धरना

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परीक्षा से कुछ घंटे पहले माइनर पेपर को सब्जेक्टिव करने के फैसले के विरोध में छात्रों ने धरना दिया।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध ए पी एन डिग्री कॉलेज में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब परीक्षा पैटर्न में अचानक बदलाव को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े बी कॉम प्रथम वर्ष के छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा और धरना प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग पर गंभीर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से ठीक पहले लिए गए इस फैसले ने उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को असमंजस में डाल दिया है।

छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय स्तर से पहले यह स्पष्ट जानकारी दी गई थी कि बी ए एम ए एल एल बी सहित सभी पाठ्यक्रमों के माइनर पेपर ऑब्जेक्टिव यानी बहुविकल्पीय होंगे। इसी आधार पर बी कॉम और बी एससी प्रथम वर्ष के छात्रों ने अपनी परीक्षा की तैयारी की थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से मात्र तीन घंटे पहले बी कॉम प्रथम वर्ष के माइनर पेपर को अचानक सब्जेक्टिव घोषित कर दिया गया। इस अप्रत्याशित बदलाव से छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित करार दिया।

ए पी एन डिग्री कॉलेज की एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि परीक्षा के दिन ऐन वक्त पर नियमों में बदलाव करना छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा नियंत्रण विभाग को पहले से पेपर के स्वरूप की जानकारी थी तो समय रहते छात्रों को सूचित क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि जब छात्रों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनकी बात सुने बिना ही फोन काट दिया गया जिससे नाराजगी और बढ़ गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी करते हुए मांग की कि बी कॉम प्रथम वर्ष के माइनर पेपर को ऑब्जेक्टिव ही रखा जाए। छात्रों का कहना था कि यदि ऐसा संभव नहीं है तो परीक्षा को तत्काल स्थगित किया जाए और कम से कम पांच दिन बाद नई तिथि घोषित की जाए ताकि सभी छात्र सब्जेक्टिव परीक्षा के लिए समुचित तैयारी कर सकें। छात्रों ने यह भी कहा कि अचानक लिया गया यह निर्णय समानता और पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ है।

कॉलेज के प्राचार्य अभय प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार अधिकांश माइनर पेपर ऑब्जेक्टिव हैं लेकिन बी कॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा को वर्णनात्मक रखा गया है। उन्होंने छात्रों को परीक्षा बहिष्कार से रोकने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। धरने में इकाई मंत्री महेंद्र चौधरी सत्यम वर्मा यश अर्पित हर्षदीप आदित्य सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे। देर शाम तक कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करते रहे।