भारत में चुनाव लोकतंत्र का पर्व, सभी राज्यों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी
नई दिल्ली: भारत में चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है और इसी उत्सव को पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग लगातार मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया चलाता रहता है। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में संपन्न हुई विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। आयोग ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जिसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची का नियमित अद्यतन लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रक्रिया के माध्यम से नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जाता है, मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं तथा आवश्यक सुधार किए जाते हैं। आयोग के अनुसार इस बार भी देशभर में बड़ी संख्या में नए युवा मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी में और वृद्धि हुई है।
बूथ स्तर तक हुआ व्यापक सत्यापन
चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत पूरे देश में बूथ स्तर तक व्यापक सत्यापन कराया गया। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया और पात्र नागरिकों को मतदान सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण और संशोधन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी आवेदन किया।
पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता दर्ज
आयोग ने पश्चिम बंगाल के मतदाता आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कुल 6 करोड़ 44 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में पहली बार मतदान का अधिकार प्राप्त किया है। आयोग के अनुसार राज्य में मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया।
नियमों के तहत पूरी की गई प्रक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के अद्यतन के दौरान सभी निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया गया है। किसी भी नागरिक को यदि सूची में अपने नाम से संबंधित आपत्ति या संशोधन की आवश्यकता है, तो उसके लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करने की व्यवस्था भी की गई थी। आयोग का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में मतदाता सूची का नियमित और सटीक अद्यतन एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग इसे लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक मानता है। उन्होंने कहा कि देश में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है।
आयोग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने मतदान अधिकार का प्रयोग अवश्य करें और लोकतंत्र के इस महापर्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं। आयोग का मानना है कि जितनी अधिक संख्या में नागरिक मतदान करेंगे, उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा।
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