11 साल से फरार 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुशवाहा को चंदौली पुलिस ने दानापुर से दबोचा
चंदौली: मुगलसराय थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुए अपहरण और फिरौती के मामले में करीब 11 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुमार कुशवाहा उर्फ छोटू को चंदौली पुलिस ने बिहार के दानापुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दिलीप कुशवाहा इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस टीम ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी लोकेशन की जानकारी जुटाई और 19 अगस्त 2026 को दानापुर पटना से उसे गिरफ्तार किया।
एसपी आकाश पटेल के निर्देशन में पुलिस टीम को मिली सफलता
चंदौली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में की गई। मुगलसराय थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विजय प्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी की तलाश की। पुलिस को मुखबिर से मिली सटीक सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिलीप कुशवाहा की मौजूदगी दानापुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
2015 में पीयूष भारूका के अपहरण से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक 13 जनवरी 2015 को मुगलसराय के मैनाताली निवासी पवन कुमार भारूका का बेटा पीयूष भारूका जिसकी उम्र उस समय करीब 24 वर्ष थी घर से निकला था। इसके बाद उसकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास चाभी लगी अवस्था में लावारिस मिली। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। घटना के तीन दिन बाद 16 जनवरी को अपहृत युवक के मोबाइल नंबर से फिरौती की मांग और जान से मारने की धमकी वाला फोन आया। इसके बाद थाना मुगलसराय में मुकदमा संख्या 43 वर्ष 2015 के तहत धारा 364 ए और 506 भारतीय दंड संहिता में मुकदमा दर्ज किया गया।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सकुशल बरामद हुआ था पीयूष
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपहरण की घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अपहृत पीयूष भारूका को भी सकुशल बरामद कर लिया था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। हालांकि इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे दिलीप कुमार कुशवाहा उर्फ छोटू की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी और वह लगातार फरार चल रहा था।
बिहार के वैशाली का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया दिलीप कुमार कुशवाहा बिहार के वैशाली जिले के ग्राम बनखारा थाना राजापाकड़ का निवासी है और उसकी उम्र करीब 51 वर्ष है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें अधिकांश मामले अपहरण और फिरौती से संबंधित बताए गए हैं। मुगलसराय में दर्ज वर्ष 2015 का अपहरण और फिरौती का मुकदमा भी इन मामलों में शामिल है। इसके अलावा बिहार के वैशाली हाजीपुर नालंदा और पटना के अलग अलग थानों तथा झारखंड के रांची और चांडिल में भी उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। एक मामले में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी।
चंदौली पुलिस ने वर्ष 2026 में 63 इनामी वांछित आरोपियों को पकड़ा
चंदौली पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक कुल 63 इनामी और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सर्विलांस सिस्टम और मुखबिर तंत्र की सहायता से ऐसे आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है जो लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दिलीप कुशवाहा की गिरफ्तारी को भी इसी अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस टीम की भूमिका
दिलीप कुशवाहा की गिरफ्तारी में मुगलसराय थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी आशीष मिश्रा के साथ चौकी प्रभारी अजय कुमार बांकेलाल हेड कांस्टेबल मन्टू सिंह कांस्टेबल अभिषेक दूबे और राकेश यादव की भूमिका रही। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार जानकारी जुटाई और उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी। बिहार के दानापुर में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए सर्विलांस नेटवर्क और मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। चंदौली पुलिस का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दिलीप कुशवाहा की गिरफ्तारी से वर्ष 2015 के अपहरण और फिरौती के पुराने मामले में आगे की विधिक कार्रवाई का रास्ता भी साफ हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई से पुराने मामले में आगे बढ़ेगी जांच
करीब 11 साल तक फरार रहने के बाद 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुमार कुशवाहा की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वर्ष 2015 में दर्ज अपहरण और फिरौती के मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पीयूष भारूका को सकुशल बरामद किया जा चुका था। अब मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे दिलीप कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
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