केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा फुनकर मेला–2026 का सफल आयोजन
केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन CSTRI एवं RSTRS वाराणसी द्वारा दिनांक 12 फरवरी 2026 को अंगिका हथकरघा सहकारी समिति लिमिटेड, रामनगर, वाराणसी में भव्य फुनकर मेला–2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों को तकनीकी, विपणन एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाना था।
मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति
फुनकर मेले की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्या रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में बुनकर समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हथकरघा और रेशम उद्योग न केवल रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बुनकरों के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से रेशम निदेशालय (Sericulture), वाराणसी, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT), वाराणसी, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), वाराणसी, बुनकर सेवा केंद्र (WSC), वाराणसी तथा राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (NHDC), वाराणसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इन विभागों के अधिकारियों ने बुनकरों को उनके-अपने विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं, सब्सिडी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन सहायता और वित्तीय सहयोग संबंधी विस्तृत जानकारी दी। इससे बुनकरों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाने का अवसर मिला।
बुनकरों से सीधा संवाद
केन्द्रीय रेशम बोर्ड, CSTRI के निदेशक डॉ. एस. पेरियास्वामी ने बुनकरों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने उनकी वास्तविक स्थिति, उत्पादन संबंधी चुनौतियों, कच्चे माल की उपलब्धता और बाजार की समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इस संवाद के दौरान बुनकर समुदाय की ओर से श्री अमरेश कुशवाहा ने मंच से अपने विचार रखे और बुनकरों की प्रमुख आवश्यकताओं एवं समस्याओं को सामने रखा।
बुनकरों ने विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण रेशम धागे की समय पर उपलब्धता, उचित मूल्य तथा तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन दिया।
ओडिशा के रीलर्स बने विशेष आकर्षण
मेले का एक प्रमुख आकर्षण ओडिशा से आए रीलर्स रहे, जिन्होंने उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले तसर सिल्क धागे और अन्य रेशम उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बुनकरों को रीलर्स से सीधे संपर्क स्थापित करने और अपनी आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से साझा करने का अवसर मिला। इससे आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सहयोग और विकास की नई दिशा
फुनकर मेला–2026 ने बुनकरों, रीलर्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी विभागों को एक ही मंच पर लाकर पारस्परिक सहयोग और विकास के नए आयाम स्थापित किए। इस आयोजन का मूल उद्देश्य बुनकरों को तकनीकी, आर्थिक और योजनागत सहायता उपलब्ध कराना था, ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
आयोजकों के अनुसार, इस मेले के माध्यम से न केवल बुनकरों को नवीन तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता बढ़ाने के लिए भी प्रेरणा प्राप्त हुई। कार्यक्रम को व्यापक सफलता मिली और बुनकर समुदाय ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग भी की।
रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार ने इस आयोजन के माध्यम से बुनकरों के उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया।
