चंदौली सैयदराजा में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे विवाद, पूर्व विधायक सहित कई लोगों पर मुकदमा
चंदौली जिले के सैयदराजा नगर में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने इस मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, म्यूजिक सिस्टम संचालक शुभम गुप्ता, दीपक मूर्ति, आशीष सहित 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ आठ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात की गई, जिसके बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
घटना 26 जनवरी की देर रात की है। कस्बे के युवाओं ने सरस्वती पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए अयोध्या से म्यूजिक सिस्टम मंगवाया था। विसर्जन जुलूस के दौरान युवक डीजे के पीछे नाचते गाते आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने का हवाला देते हुए म्यूजिक सिस्टम की आवाज कम कराने के निर्देश दिए। आवाज कम होते ही कुछ युवाओं ने नाराजगी जताई और पुलिस से बहस शुरू हो गई।
मामले की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू मौके पर पहुंचे और युवाओं की ओर से पुलिस से बातचीत करने लगे। उन्होंने पुलिस से डीजे बजाने की अनुमति देने और जुलूस को उसी मार्ग से आगे बढ़ाने की मांग की। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए न केवल आवाज बढ़ाने से इनकार कर दिया बल्कि जुलूस का रूट बदलने को भी कहा। इसी बात को लेकर पूर्व विधायक और सदर क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। पूर्व विधायक ने पुलिस पर स्थिति को बिगाड़ने और दंगे जैसे हालात पैदा करने का आरोप लगाया, जबकि सीओ ने भी कड़े शब्दों में जवाब दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रतिमा विसर्जन किसी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्णय लिया। जांच के आधार पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, म्यूजिक सिस्टम संचालक शुभम गुप्ता सहित अन्य नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ आठ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों में यह कार्रवाई की गई है। वहीं स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
