News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
JOIN US
  • वाराणसी
  • उत्तर प्रदेश
  • पुलिस कार्रवाई
  • Uttar Pradesh News
  • Crime News
  • वाराणसी पुलिस
  • गिरफ्तारी
  • Varanasi News
LATEST NEWS
वाराणसी: अखिलेश यादव पर आपत्तिजनक पोस्टर, भड़के सपाईयों ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन
तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन: अभिनेता थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों संग ली शपथ
वाराणसी: कर्ज में डूबे शिक्षक ने तानी पिस्टल, CSC संचालक को लूटना चाहा, लोगों ने पकड़ा और पीटा
योगी कैबिनेट विस्तार: जातीय समीकरण और 2027 की रणनीति पर भाजपा का बड़ा दांव
वाराणसी: स्कॉर्पियो सवारों की दबंगई, ओवरटेक पर हंगामा, गाली गलौज का वीडियो वायरल
बंगाल में सत्ता परिवर्तन: कोलकाता में अमित शाह की मौजूदगी में आज चुना जाएगा नया CM
वाराणसी: राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रेन मैनेजर पंकज श्रीवास्तव घायल
वाराणसी: ऑपरेशन चक्रव्यूह से सुधरेगी सड़कों की सूरत, राजातालाब में भारी पुलिस बल तैनात
वाराणसी: दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण पर बड़ी कार्रवाई, 43 मकानों पर चलेगा बुलडोजर
वृंदावन: भाजपा नेता पम्मी गोस्वामी को गोली मारी, हालत नाजुक
News ReportNews Report
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Varanasi
Search
  • World
  • India
  • Uttar Pradesh
  • Entertainment
  • Varanasi
  • Prayagraj
  • Bihar
  • Lucknow
  • Kanpur
  • Meerut
  • Ghazipur
  • Read History
Follow US
India

भारत में मौत की सजा: रिपोर्ट ने खोली न्यायिक प्रक्रिया की खामियां

Savan Nayak Bureau Chief Uttar Pradesh News Report Newspaper Journalist
Last updated: 05/02/2026 13:57
By
Savan Nayak
Savan Nayak Bureau Chief Uttar Pradesh News Report Newspaper Journalist
BySavan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
Follow:
Share
4 Min Read
भारत में मौत की सजा पर नलसार रिपोर्ट का विश्लेषण करती अदालत की छवि
न्यायिक प्रक्रिया में खामियों को उजागर करती नलसार यूनिवर्सिटी की नई रिपोर्ट

भारत में मौत की सजा देने की न्यायिक प्रक्रिया पर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर और असहज करने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। हैदराबाद स्थित नलसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े आपराधिक कानून पर कार्य करने वाले संगठन स्क्वायर सर्कल क्लीनिक द्वारा जारी इस अध्ययन में पिछले दस वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि निचली अदालतों द्वारा दी गई बड़ी संख्या में मौत की सजाएं उच्च न्यायिक स्तरों पर टिक नहीं पाईं।

रिपोर्ट के अनुसार देश में बढ़ते जघन्य अपराध, जैसे निर्मम हत्याएं, बर्बर बलात्कार और गैंगरेप, समाज को झकझोरते रहे हैं। लगभग हर ऐसी घटना के बाद दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठती है, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि मौत की सजा देने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां मौजूद हैं।

अध्ययन में सामने आया है कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच देशभर की ट्रायल कोर्ट्स ने 822 मामलों में कुल 1310 लोगों को मौत की सजा सुनाई। इन मामलों में से 842 सजाएं उच्च न्यायालयों के समक्ष विचार के लिए पहुंचीं, लेकिन हाई कोर्ट ने केवल 70 मामलों, यानी करीब 8.31 प्रतिशत, में ही मौत की सजा को बरकरार रखा। इसके विपरीत 258 अभियुक्तों, लगभग 30.64 प्रतिशत, को पूरी तरह बरी कर दिया गया।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि हाई कोर्ट स्तर पर बरी होने की दर, पुष्टि की गई मौत की सजाओं की दर से लगभग चार गुना अधिक रही। यह आंकड़ा अपने आप में इस बात की ओर इशारा करता है कि निचली अदालतों के स्तर पर गंभीर त्रुटियां हो रही हैं। कई मामलों में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि सबूत पर्याप्त नहीं थे या जांच और अभियोजन में गंभीर कमियां थीं।

सुप्रीम कोर्ट के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड से जुड़े 153 मामलों पर विचार किया, जिनमें से 38 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया। वर्ष 2023 से 2025 के बीच सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी मामले में न तो मौत की सजा सुनाई और न ही किसी मौत की सजा को बरकरार रखा। अकेले 2025 में हाई कोर्ट ने 85 मामलों में से 22 में मौत की सजा को पलट दिया, जबकि उसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने जिन 19 मामलों पर विचार किया, उनमें से 10 आरोपियों को बरी कर दिया गया।

More Read

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते थलपति विजय और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन: अभिनेता थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों संग ली शपथ
काशी से कोलकाता तक गूंजा जनादेश: युवा नेतृत्व में अर्जुन शर्मा योगी ने बंगाल में दिलाई भाजपा को ऐतिहासिक जीत
जयपुर: बगरू के निजी स्कूल में पानी विवाद पर छात्र ने सहपाठी पर चाकू से किया हमला, समझौता
नई दिल्ली: आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अंततः बरी किए गए 364 ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें कभी दोषी ठहराया ही नहीं जाना चाहिए था। इन लोगों को वर्षों तक मौत की सजा का मानसिक आघात झेलना पड़ा। अध्ययन के अनुसार यह स्थिति जांच और अभियोजन प्रक्रिया में गहरी और प्रणालीगत विफलताओं को दर्शाती है।

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में गलत या अनुचित दोषसिद्धि कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक निरंतर समस्या बन चुकी है। कम पुष्टि दर इस बात का संकेत है कि सजा सुनाने के चरण में सुरक्षा उपायों और उचित प्रक्रिया का पालन कई मामलों में नहीं हो पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मृत्युदंड के मामलों में बढ़ती सख्ती और गहन जांच इसी चिंता का परिणाम मानी जा रही है।

यह रिपोर्ट न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर आत्ममंथन की जरूरत को रेखांकित करती है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या मौजूदा व्यवस्था वास्तव में निर्दोषों को मौत की सजा से बचाने में सक्षम है या नहीं।

More Read

रतलाम पुलिस स्टेशन के बाहर की तस्वीर जहां दुष्कर्म आरोपित ने हवालात में आत्महत्या की
रतलाम में दुष्कर्म आरोपित ने हवालात में लगाई फांसी, पुलिस हिरासत में हुई मौत से सनसनी
ऊना: हिमाचल दिवस पर शहीद स्मारक में प्रोटोकॉल विवाद, विधायक के व्यवहार का वीडियो वायरल, हंगामा
कुरुक्षेत्र जेल में कैदियों के मोबाइल वीडियो वायरल, अंबाला पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
बक्सर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध की साजिश का खुलासा, अमन तिवारी समेत तीन गिरफ्तार
Share on WhatsApp
TAGGED:Death PenaltyHigh CourtIndian JudiciaryLaw ReportSupreme Courtन्यायिक प्रक्रियामौत की सजा
Previous Article वाराणसी पुलिस आयुक्त समीक्षा बैठक अपराध शाखा वाराणसी कमिश्नरेट: अपराध शाखा की समीक्षा, विवेचना में सीबीआई जैसी गुणवत्ता पर जोर
Next Article टी20 विश्व कप 2026 के कैप्टन डे इवेंट में मुंबई और कोलंबो के कप्तानों की मीडिया बातचीत टी20 विश्व कप 2026: पहली बार दो देशों में एक साथ हुआ कैप्टन डे इवेंट
Latest
सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव के आपत्तिजनक पोस्टरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए।

वाराणसी: अखिलेश यादव पर आपत्तिजनक पोस्टर, भड़के सपाईयों ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते थलपति विजय और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन: अभिनेता थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों संग ली शपथ

एक व्यक्ति को पुलिस या भीड़ द्वारा पकड़े हुए और पिस्टल बरामद करते हुए दिखाया गया है।

वाराणसी: कर्ज में डूबे शिक्षक ने तानी पिस्टल, CSC संचालक को लूटना चाहा, लोगों ने पकड़ा और पीटा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाते हुए

योगी कैबिनेट विस्तार: जातीय समीकरण और 2027 की रणनीति पर भाजपा का बड़ा दांव

वाराणसी में सड़क पर ओवरटेक को लेकर हुए विवाद में स्कॉर्पियो सवार युवकों का हंगामा

वाराणसी: स्कॉर्पियो सवारों की दबंगई, ओवरटेक पर हंगामा, गाली गलौज का वीडियो वायरल

Follow us on
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
LinkedInFollow
News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
News Report — a registered newspaper under the Press Registrar General of India (PRGI), with Registration Number: UPHIN/25/A0643, We are your trusted source for Hindi news, delivering accurate, fast, and reliable updates from India and across the globe.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Ethics Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Editorial Team
  • RSS
  • Join us
© 2026 News Report. All Rights Reserved. This website follows the DNPA Code of Ethics.