News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
JOIN US
  • वाराणसी
  • उत्तर प्रदेश
  • पुलिस कार्रवाई
  • Uttar Pradesh News
  • Crime News
  • वाराणसी पुलिस
  • गिरफ्तारी
  • वाराणसी समाचार
LATEST NEWS
रामनगर में अतिक्रमण पर पुलिस का सख्त एक्शन: किला मार्ग से साहित्य नाका तक चला अभियान
मानवता की मिसाल: मातलदेई पुलिस ने भटके मासूम को परिवार से मिलाकर जीता सबका दिल
वाराणसी: BHU मे MA के इतिहास प्रश्नपत्र पर हुआ विवाद, छात्रों ने किया प्रदर्शन
वाराणसी में CBI की बड़ी कार्रवाई: चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कोयला कारोबारी विनय राय गिरफ्तार
वाराणसी: रामनगर की गलियों में उतरे विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जनसमस्याओं पर लिया त्वरित एक्शन
वाराणसी: तुलसी घाट पर दर्दनाक हादसा, गाजीपुर के युवक की गंगा में डूबने से मौत
वाराणसी: रामनगर में समर फेस्टिवल का भव्य आगाज, एक माह तक सजेगा संस्कृति और मनोरंजन का संसार
वाराणसी में नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा: फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
गोरखपुर: भारत विकास परिषद सृजन शाखा का भव्य आयोजन, नई टीम ने संभाली जिम्मेदारी
रामनगर पुलिस का ऑपरेशन रेस्क्यू: 48 घंटे में तोड़ा अपराधियों का चक्रव्यूह, मासूम सुरक्षित, शातिर राहुल गिरफ्तार
News ReportNews Report
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Varanasi
Search
  • World
  • India
  • Uttar Pradesh
  • Entertainment
  • Varanasi
  • Prayagraj
  • Bihar
  • Lucknow
  • Kanpur
  • Meerut
  • Ghazipur
  • Read History
Follow US
India

भारत में मौत की सजा: रिपोर्ट ने खोली न्यायिक प्रक्रिया की खामियां

Savan Nayak Bureau Chief Uttar Pradesh News Report Newspaper Journalist
Last updated: 05/02/2026 13:57
By
Savan Nayak
Savan Nayak Bureau Chief Uttar Pradesh News Report Newspaper Journalist
BySavan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
Follow:
Share
4 Min Read
भारत में मौत की सजा पर नलसार रिपोर्ट का विश्लेषण करती अदालत की छवि
न्यायिक प्रक्रिया में खामियों को उजागर करती नलसार यूनिवर्सिटी की नई रिपोर्ट

भारत में मौत की सजा देने की न्यायिक प्रक्रिया पर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर और असहज करने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। हैदराबाद स्थित नलसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े आपराधिक कानून पर कार्य करने वाले संगठन स्क्वायर सर्कल क्लीनिक द्वारा जारी इस अध्ययन में पिछले दस वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि निचली अदालतों द्वारा दी गई बड़ी संख्या में मौत की सजाएं उच्च न्यायिक स्तरों पर टिक नहीं पाईं।

रिपोर्ट के अनुसार देश में बढ़ते जघन्य अपराध, जैसे निर्मम हत्याएं, बर्बर बलात्कार और गैंगरेप, समाज को झकझोरते रहे हैं। लगभग हर ऐसी घटना के बाद दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठती है, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि मौत की सजा देने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां मौजूद हैं।

अध्ययन में सामने आया है कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच देशभर की ट्रायल कोर्ट्स ने 822 मामलों में कुल 1310 लोगों को मौत की सजा सुनाई। इन मामलों में से 842 सजाएं उच्च न्यायालयों के समक्ष विचार के लिए पहुंचीं, लेकिन हाई कोर्ट ने केवल 70 मामलों, यानी करीब 8.31 प्रतिशत, में ही मौत की सजा को बरकरार रखा। इसके विपरीत 258 अभियुक्तों, लगभग 30.64 प्रतिशत, को पूरी तरह बरी कर दिया गया।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि हाई कोर्ट स्तर पर बरी होने की दर, पुष्टि की गई मौत की सजाओं की दर से लगभग चार गुना अधिक रही। यह आंकड़ा अपने आप में इस बात की ओर इशारा करता है कि निचली अदालतों के स्तर पर गंभीर त्रुटियां हो रही हैं। कई मामलों में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि सबूत पर्याप्त नहीं थे या जांच और अभियोजन में गंभीर कमियां थीं।

सुप्रीम कोर्ट के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड से जुड़े 153 मामलों पर विचार किया, जिनमें से 38 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया। वर्ष 2023 से 2025 के बीच सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी मामले में न तो मौत की सजा सुनाई और न ही किसी मौत की सजा को बरकरार रखा। अकेले 2025 में हाई कोर्ट ने 85 मामलों में से 22 में मौत की सजा को पलट दिया, जबकि उसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने जिन 19 मामलों पर विचार किया, उनमें से 10 आरोपियों को बरी कर दिया गया।

More Read

एक व्यक्ति चिंतित मुद्रा में पेट्रोल पंप पर खड़ा है, उसके हाथ में मोबाइल फोन है और बैकग्राउंड में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम दर्शाने वाला डिजिटल बोर्ड है।
पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा: महंगाई का डबल अटैक, दवा से थाली तक हर घर का बिगड़ेगा बजट
नई दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
नीट यूजी 2026 रद्द: पेपर लीक की आशंका, सरकार का बड़ा फैसला, जल्द आएंगी नई तारीखें
1991 आर्थिक संकट: जब खाली तिजोरी के बीच सोने ने बचाई थी भारत की साख

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अंततः बरी किए गए 364 ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें कभी दोषी ठहराया ही नहीं जाना चाहिए था। इन लोगों को वर्षों तक मौत की सजा का मानसिक आघात झेलना पड़ा। अध्ययन के अनुसार यह स्थिति जांच और अभियोजन प्रक्रिया में गहरी और प्रणालीगत विफलताओं को दर्शाती है।

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में गलत या अनुचित दोषसिद्धि कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक निरंतर समस्या बन चुकी है। कम पुष्टि दर इस बात का संकेत है कि सजा सुनाने के चरण में सुरक्षा उपायों और उचित प्रक्रिया का पालन कई मामलों में नहीं हो पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मृत्युदंड के मामलों में बढ़ती सख्ती और गहन जांच इसी चिंता का परिणाम मानी जा रही है।

यह रिपोर्ट न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर आत्ममंथन की जरूरत को रेखांकित करती है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या मौजूदा व्यवस्था वास्तव में निर्दोषों को मौत की सजा से बचाने में सक्षम है या नहीं।

More Read

बलिया के राज सिंह की गिरफ्तारी, पुलिस कार्रवाई दर्शाती हुई तस्वीर।
शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बलिया का राज सिंह अयोध्या से गिरफ्तार
पीएम मोदी का आर्थिक सत्याग्रह: एक साल सोना न खरीदें, ईंधन बचाएं- देशहित में की अपील
तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन: अभिनेता थलपति विजय बने मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों संग ली शपथ
काशी से कोलकाता तक गूंजा जनादेश: युवा नेतृत्व में अर्जुन शर्मा योगी ने बंगाल में दिलाई भाजपा को ऐतिहासिक जीत
Share on WhatsApp
TAGGED:Death PenaltyHigh CourtIndian JudiciaryLaw ReportSupreme Courtन्यायिक प्रक्रियामौत की सजा
Previous Article वाराणसी पुलिस आयुक्त समीक्षा बैठक अपराध शाखा वाराणसी कमिश्नरेट: अपराध शाखा की समीक्षा, विवेचना में सीबीआई जैसी गुणवत्ता पर जोर
Next Article टी20 विश्व कप 2026 के कैप्टन डे इवेंट में मुंबई और कोलंबो के कप्तानों की मीडिया बातचीत टी20 विश्व कप 2026: पहली बार दो देशों में एक साथ हुआ कैप्टन डे इवेंट
Latest
पुलिसकर्मी रामनगर में अतिक्रमण हटाते हुए, सड़क पर खड़े ठेले और वाहनों को हटाते हुए

रामनगर में अतिक्रमण पर पुलिस का सख्त एक्शन: किला मार्ग से साहित्य नाका तक चला अभियान

मातलदेई पुलिसकर्मी एक छोटे बच्चे को उसके माता-पिता से मिलाते हुए

मानवता की मिसाल: मातलदेई पुलिस ने भटके मासूम को परिवार से मिलाकर जीता सबका दिल

बीएचयू इतिहास विभाग के बाहर प्रदर्शन करते छात्र

वाराणसी: BHU मे MA के इतिहास प्रश्नपत्र पर हुआ विवाद, छात्रों ने किया प्रदर्शन

सीबीआई अधिकारी कोयला कारोबारी विनय राय को वाराणसी में गिरफ्तार कर ले जाते हुए।

वाराणसी में CBI की बड़ी कार्रवाई: चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कोयला कारोबारी विनय राय गिरफ्तार

वाराणसी के रामनगर में सुबह 7 बजे गलियों में घूमते और जनता से बातचीत करते विधायक सौरभ श्रीवास्तव, उनके पीछे भारी जनसैलाब

वाराणसी: रामनगर की गलियों में उतरे विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जनसमस्याओं पर लिया त्वरित एक्शन

Follow us on
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
LinkedInFollow
News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
News Report — a registered newspaper under the Press Registrar General of India (PRGI), with Registration Number: UPHIN/25/A0643, We are your trusted source for Hindi news, delivering accurate, fast, and reliable updates from India and across the globe.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Ethics Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Editorial Team
  • RSS
  • Join us
© 2026 News Report. All Rights Reserved. This website follows the DNPA Code of Ethics.