News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
JOIN US
  • वाराणसी
  • उत्तर प्रदेश
  • पुलिस कार्रवाई
  • Uttar Pradesh News
  • वाराणसी पुलिस
  • Crime News
  • गिरफ्तारी
  • वाराणसी समाचार
LATEST NEWS
हरियाणवी रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का हार्ट अटैक से निधन, लोक कला जगत में शोक की लहर
वाराणसी: लोहटिया में लोहा व्यापारी ने दुकान में की आत्महत्या, कर्ज के दबाव की आशंका
रामनगर में विकास व पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा: MLA सौरभ श्रीवास्तव ने किया सड़कों का लोकार्पण
रामनगर में 4.92 करोड़ से मिनी इंडोर स्टेडियम का शिलान्यास, खेल प्रतिभाओं को मिलेगी नई उड़ान
वाराणसी में इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन की बैठक: पूर्व सैनिकों ने उठाई एकजुटता और अधिकारों की आवाज
वाराणसी: चितईपुर पुलिस को बड़ी सफलता, 15 लाख की चोरी का खुलासा, 2 शातिर चोर गिरफ्तार
वाराणसी: एक माह की बच्ची को जमीन पर पटकने का आरोप, आरोपी गिरफ्तार, विरोध में लगा जाम
रसोई गैस फिर हुई महंगी: LPG सिलिंडर 29 रुपये महंगा, उपभोक्ताओं पर बढ़ा दबाव
वाराणसी कैंट स्टेशन पर पुलिस का बड़ा प्रहार: अवैध गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी, सहायता केंद्र स्थापित
पीएम सूर्य घर योजना: यूपी को राष्ट्रीय सम्मान, वाराणसी में मंत्री ए के शर्मा ने दिया बयान
News ReportNews Report
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Varanasi
Search
  • World
  • India
  • Uttar Pradesh
  • Entertainment
  • Varanasi
  • Prayagraj
  • Bihar
  • Lucknow
  • Kanpur
  • Meerut
  • Ghazipur
  • Read History
Follow US
India

भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया ले जाएंगे, महामहिम लक्ष्मण आचार्य

Sandeep Srivastava Sub Editor News Report Newspaper
Last updated: 30/05/2026 16:10
By
Sandeep Srivastava
Sandeep Srivastava Sub Editor News Report Newspaper
BySandeep Srivastava
Sandeep Srivastava serves as a Sub Editor at News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to ethical, accurate, and reader-focused journalism. He is responsible for copy...
Follow:
Share
7 Min Read
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों के साथ मंगोलिया जाते हुए।
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया ले जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
Contents
  • मंगोलिया पहुंचेगा भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों का पवित्र धरोहर संदेश, राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य करेंगे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
  • सांची से मंगोलिया तक पहुंचेगा बौद्ध विरासत का संदेश
  • सांस्कृतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा
  • श्रद्धालुओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन
  • भारत और मंगोलिया की मित्रता को मिलेगा नया आयाम
  • तीन जून को भारत लौटने की संभावना
  • पृष्ठभूमि

मंगोलिया पहुंचेगा भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों का पवित्र धरोहर संदेश, राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य करेंगे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

गुवाहाटी: भारत और मंगोलिया के बीच सदियों पुराने बौद्ध और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों अरहंत सारिपुत्र और अरहंत मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेषों को लेकर मंगोलिया जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित यह विशेष यात्रा दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत, सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐतिहासिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस पहल को भारत और मंगोलिया के बीच आध्यात्मिक सहयोग के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

मध्य प्रदेश स्थित विश्व प्रसिद्ध सांची विहार चैत्य में संरक्षित इन पवित्र अवशेषों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ मंगोलिया ले जाया जाएगा। वहां आयोजित विशेष प्रदर्शनी में नौ जून तक इन्हें श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जाएगा। इस दौरान मंगोलिया सहित विभिन्न देशों से आने वाले हजारों बौद्ध अनुयायी, भिक्षु, विद्वान, शोधकर्ता और आध्यात्मिक साधक इन अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आयोजन को लेकर मंगोलिया में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और इसे बौद्ध समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।

सांची से मंगोलिया तक पहुंचेगा बौद्ध विरासत का संदेश

अरहंत सारिपुत्र और अरहंत मौद्गल्यायन भगवान बुद्ध के सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख शिष्यों में गिने जाते हैं। बौद्ध परंपरा में दोनों का स्थान अत्यंत सम्मानजनक माना जाता है। उनके पवित्र अवशेष सांची स्तूप से जुड़े हुए हैं जो विश्व के प्रमुख बौद्ध स्मारकों में शामिल है। सांची स्तूप को वैश्विक स्तर पर बौद्ध धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है और यहां संरक्षित अवशेष करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। इन अवशेषों का दर्शन बौद्ध अनुयायियों के लिए केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता बल्कि यह आध्यात्मिक प्रेरणा और ऐतिहासिक चेतना का भी स्रोत माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे पवित्र अवशेषों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इससे विभिन्न देशों के लोगों को भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, बौद्ध दर्शन और ऐतिहासिक धरोहरों को समझने का अवसर प्राप्त होता है। साथ ही यह बौद्ध समुदाय के बीच वैश्विक स्तर पर संवाद और सांस्कृतिक आदान प्रदान को भी बढ़ावा देता है।

सांस्कृतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा

यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत भारत अपने ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को विश्व समुदाय के साथ और मजबूत कर रहा है। भारत सरकार विशेष रूप से उन देशों के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने पर बल दे रही है जिनकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ें भारतीय सभ्यता और बौद्ध परंपरा से जुड़ी रही हैं।

More Read

रसोई गैस सिलिंडर और उस पर बढ़ती कीमत का संकेत
रसोई गैस फिर हुई महंगी: LPG सिलिंडर 29 रुपये महंगा, उपभोक्ताओं पर बढ़ा दबाव
नोएडा: आईवीवाई काउंटी सोसाइटी में भीषण आग, हाईराइज सुरक्षा पर उठे सवाल
पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा: महंगाई का डबल अटैक, दवा से थाली तक हर घर का बिगड़ेगा बजट
नई दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

मंगोलिया को बौद्ध जगत में भारत का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु के रूप में कार्य करता है। ऐसे में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों का मंगोलिया पहुंचना वहां के श्रद्धालुओं और धार्मिक समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इससे दोनों देशों के बीच पारंपरिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन

मंगोलिया में आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी के दौरान अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार विशेष पूजा अर्चना, ध्यान सत्र, बौद्ध प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आध्यात्मिक सभाओं का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु, धार्मिक गुरु, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।

मंगोलिया के धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए व्यापक भागीदारी की तैयारी की है। अनुमान है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इन पवित्र अवशेषों के दर्शन करने पहुंचेंगे। इससे बौद्ध समुदाय के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

More Read

नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से चिंतित छात्र और एक रद्द हुआ एडमिट कार्ड।
नीट यूजी 2026 रद्द: पेपर लीक की आशंका, सरकार का बड़ा फैसला, जल्द आएंगी नई तारीखें
1991 आर्थिक संकट: जब खाली तिजोरी के बीच सोने ने बचाई थी भारत की साख
शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बलिया का राज सिंह अयोध्या से गिरफ्तार
पीएम मोदी का आर्थिक सत्याग्रह: एक साल सोना न खरीदें, ईंधन बचाएं- देशहित में की अपील

भारत और मंगोलिया की मित्रता को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ साथ भारत और मंगोलिया के बीच गहरी मित्रता, विश्वास और सांस्कृतिक साझेदारी का भी प्रतीक है। दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे राजनयिक संबंधों को बौद्ध विरासत ने विशेष आधार प्रदान किया है। यह पहल उन संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस सांस्कृतिक मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक पहचान और बौद्ध परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता को भी रेखांकित करेगी।

तीन जून को भारत लौटने की संभावना

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य शनिवार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ प्रतिनिधिमंडल सहित मंगोलिया के लिए रवाना होंगे। विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद उनके तीन जून को भारत लौटने की संभावना है। भारत और मंगोलिया की साझा बौद्ध विरासत को समर्पित यह आयोजन न केवल दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देगा बल्कि विश्व समुदाय के समक्ष शांति, करुणा और मानवता के बुद्ध संदेश को और व्यापक रूप से स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पृष्ठभूमि

भारत को बौद्ध धर्म की जन्मभूमि माना जाता है और दुनिया के अनेक देशों में आज भी बौद्ध परंपरा का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। मंगोलिया उन देशों में शामिल है जहां बौद्ध धर्म समाज और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की यह यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम मानी जा रही है।

Share on WhatsApp
TAGGED:बौद्ध धर्मभगवान बुद्ध के अवशेषभारत-मंगोलिया संबंधमंगोलिया यात्राराज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्यसारिपुत्र मौद्गल्यायनसांस्कृतिक विरासत
Previous Article विधायक सौरभ श्रीवास्तव ग्रामीणों से बातचीत करते हुए, उनकी समस्याएं सुनते हुए। जनता का भरोसा बने विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सुल्तानपुर पहुंचकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
Next Article वाराणसी पुलिस के उपनिरीक्षक नई मार्किंग प्रणाली के तहत प्रदर्शन मूल्यांकन करते हुए। वाराणसी पुलिस में उपनिरीक्षकों के लिए नई मार्किंग प्रणाली: प्रदर्शन तय करेगा पद
Latest
हरियाणवी रागिनी गायक पेप्सी शर्मा की तस्वीर

हरियाणवी रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का हार्ट अटैक से निधन, लोक कला जगत में शोक की लहर

दुकान के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ एक व्यक्ति का शव, पुलिस जांच कर रही है।

वाराणसी: लोहटिया में लोहा व्यापारी ने दुकान में की आत्महत्या, कर्ज के दबाव की आशंका

विधायक सौरभ श्रीवास्तव रामनगर में सड़क का लोकार्पण करते हुए या वृक्षारोपण करते हुए

रामनगर में विकास व पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा: MLA सौरभ श्रीवास्तव ने किया सड़कों का लोकार्पण

रामनगर में मिनी इंडोर स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य अविनाश कुमार मिश्रा और सेनानायक अनिल कुमार पांडेय शिलापट्ट का अनावरण करते हुए।

रामनगर में 4.92 करोड़ से मिनी इंडोर स्टेडियम का शिलान्यास, खेल प्रतिभाओं को मिलेगी नई उड़ान

वाराणसी में इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन की मासिक बैठक में भाग लेते पूर्व सैनिक

वाराणसी में इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन की बैठक: पूर्व सैनिकों ने उठाई एकजुटता और अधिकारों की आवाज

Follow us on
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
WhatsAppFollow
LinkedInFollow
News Report : Varanasi Hindi News | वाराणसी की हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Hindi Samachar, Latest News in Hindi और Breaking News in Hindi की ताजा ख़बरें
News Report — a registered newspaper under the Press Registrar General of India (PRGI), with Registration Number: UPHIN/25/A0643, We are your trusted source for Hindi news, delivering accurate, fast, and reliable updates from India and across the globe.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Ethics Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Editorial Team
  • RSS
  • Join us
© 2026 News Report. All Rights Reserved. This website follows the DNPA Code of Ethics.