वाराणसी: कफ सिरप तस्करी से जुड़े बहुचर्चित सिंडिकेट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। वाराणसी कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे शुभम जायसवाल के परिजनों पर अब एजेंसी का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। ईडी ने बीते दिनों शुभम की मां और बहन को पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में वे शुभम के कथित अवैध कारोबार और उससे जुड़े लेन-देन को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दे सकीं। इसके बाद ईडी ने उन्हें एक बार फिर विस्तृत दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी अब शुभम से जुड़ी फर्मों, बैंक खातों और संपत्तियों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने अपने परिजनों के नाम पर कई फर्जी फर्में खोल रखी थीं, जिनके जरिए कफ सिरप की तस्करी और उससे अर्जित अवैध धन को खपाने का काम किया जाता था। इसी संदेह के आधार पर ईडी ने परिजनों को दोबारा तलब किया है, ताकि फर्मों के संचालन, लेन-देन और दस्तावेजों की सच्चाई सामने आ सके।
इस मामले में ईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के एक कैटरर को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। ईडी को जानकारी मिली है कि उक्त कैटरर ने बैंक से कम ब्याज दर पर लगभग 50 लाख रुपये का कर्ज लिया था और बाद में यह रकम अधिक ब्याज पर शुभम जायसवाल को दे दी गई। एजेंसी अब इस लेन-देन की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह राशि तस्करी से जुड़े नेटवर्क में किस तरह इस्तेमाल की गई। ईडी ने कैटरर को इसी सप्ताह पेश होने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा गिरफ्तार किए गए आजमगढ़ निवासी विकास सिंह नरवे से जुड़े नए तथ्य भी सामने आए हैं। जांच में संकेत मिले हैं कि नरवे ने भी अपने परिजनों के नाम पर करीब 20 फर्में खोल रखी थीं। बताया जा रहा है कि इन फर्मों के माध्यम से कफ सिरप तस्करी से होने वाली आय का कुछ हिस्सा परिजनों को दिया जाता था, जबकि उनके बैंक खातों का पूरा नियंत्रण नरवे के पास ही रहता था। अब प्रवर्तन निदेशालय नरवे से जेल में पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जानकारी जुटाई जा सके।
ईडी अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अभी और भी कई नाम सामने आ सकते हैं। लगातार मिल रहे सुरागों के आधार पर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की आर्थिक संरचना और धन के प्रवाह को उजागर करने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ कफ सिरप तस्करी के इस नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
