एकंगरसराय के पिरोजा गांव में मां बेटे की लगातार मौत से पसरा मातम
नगर पंचायत एकंगरसराय के वार्ड संख्या 9 स्थित पिरोजा गांव में एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। इकलौते बेटे की असमय मृत्यु का गहरा सदमा एक मां सह नहीं सकीं और बेटे के ब्रह्मभोज के मात्र तीन दिन बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। मां और बेटे की लगातार हुई मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव शोक में डूब गया है। हर घर में इस घटना की चर्चा है और लोग स्तब्ध हैं कि एक परिवार पर इतना बड़ा दुख एक साथ टूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार पिरोजा गांव निवासी रविंद्र ठाकुर के पुत्र का कुछ दिन पहले असामयिक निधन हो गया था। बेटे की मौत के बाद मां पूरी तरह टूट गई थीं। परिजनों का कहना है कि वह गहरे सदमे में चली गई थीं। वह अधिकतर चुप रहती थीं, खाना पीना लगभग छोड़ चुकी थीं और बार बार बेटे को याद कर भावुक हो जाती थीं। परिजनों ने उनका इलाज भी कराया लेकिन मानसिक आघात इतना गहरा था कि उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
इस दुखद घटना के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे शोक में हैं। गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की घटना बहुत कम देखी है जहां बेटे की मृत्यु का गम मां की जान ले ले। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है और हर आंख नम है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक रुहेल रंजन पिरोजा गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा कि एक ही परिवार में इतने कम समय में दो लोगों का निधन होना अत्यंत पीड़ादायक है और इसकी भरपाई किसी भी तरह संभव नहीं है। उन्होंने दिवंगत मां बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विधायक रुहेल रंजन ने परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी कहा कि पीड़ित परिवार को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि पारिवारिक रिश्तों की गहराई कितनी संवेदनशील होती है और एक मां के लिए बेटे का बिछड़ना कितना असहनीय हो सकता है।
