उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा और जन स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के संबंध में आयोजित एक अंतरविभागीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान मनिहारी क्षेत्र के एमओवाईसी से कार्य में लापरवाही पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया और स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने क्षय रोग नियंत्रण को लेकर विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों को केवल सरकारी दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं और बाहर की दवाएं किसी भी स्थिति में न दी जाएं। इसके साथ ही उन्होंने 100 दिवसीय विशेष सघन अभियान चलाकर आम नागरिकों को टीबी के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूकता के साथ समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके भुगतान को समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलों पर नियमित रूप से बीएचएनडी बैठकें आयोजित करने को कहा ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होती रहे। इसके अलावा हेल्थ वेलनेस सेंटर पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने ओपीडी का नियमित संचालन करने और सीएचओ तथा एएनएम की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधीक्षकों को हेल्थ वेलनेस सेंटर की कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी करने के लिए कहा गया ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव ओपीडी आईपीडी एफआरयू आरबीएसके दृष्टिहीनता निवारण एम्बुलेंस सेवाएं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण आभा आईडी आयुष्मान कार्ड टीकाकरण क्षय रोग नियंत्रण कुष्ठ उन्मूलन और जन्म मृत्यु पंजीकरण जैसी विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और यह ध्यान रखा जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी सरकारी स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य और मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़ी हैं और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई गंभीर परिणाम ला सकती है इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
