गाजीपुर में गैस सिलिंडर की किल्लत, एजेंसियों पर लंबी कतारें; होटल और ढाबा संचालक भी परेशान
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में इन दिनों रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था चरमराने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन भले ही जिले में पर्याप्त गैस स्टॉक होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है। कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिलने से मायूस होकर लौट रहे हैं।
बुकिंग के बाद भी 6 से 7 दिन का इंतजार
जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें छह से सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसियों पर सीमित संख्या में गैस से भरे वाहन पहुंचने के कारण वितरण की प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि पहले से बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को ही प्राथमिकता के आधार पर होम डिलीवरी दी जा रही है। नए उपभोक्ताओं को केवल बुकिंग करानी पड़ रही है और गैस वाहन आने के बाद ही वितरण संभव हो पा रहा है।
कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई लगभग ठप
सबसे ज्यादा संकट कमर्शियल गैस सिलिंडर को लेकर देखने को मिल रहा है। इसकी सप्लाई लगभग बंद होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शादी और अन्य समारोह आयोजित करने वालों के लिए भी खाना बनाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उनके सामने व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा। कई स्थानों पर होटल संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कई एजेंसियों पर लगी लंबी लाइनें
बुधवार को जिले की कई गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई। देवकली स्थित बाबा गनिनाथ गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही। इसी तरह दिलदारनगर की मधु भारत गैस एजेंसी पर भी उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहे।
बकुलियापुर स्थित प्रतिमा गैस एजेंसी पर भी सुबह से सैकड़ों लोग सिलिंडर लेने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद काउंटर बंद कर कर्मचारी वहां से चले गए, जिससे नाराज उपभोक्ताओं ने अंधऊ लंका मार्ग पर कुछ देर के लिए जाम लगा दिया। बाद में समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई।
सॉफ्टवेयर अपडेट से बढ़ी परेशानी
गैस एजेंसियों के संचालकों के अनुसार कंपनियों के सॉफ्टवेयर अपडेट होने के कारण पिछले दो दिनों से कई स्थानों पर ऑनलाइन बुकिंग भी प्रभावित रही। इससे गैस वितरण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावित हो गई। एजेंसियों का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
गैस कंपनियों ने बताया स्टॉक का आंकड़ा
गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों के अनुसार जिले में अलग अलग कंपनियों के गैस सिलिंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के सेल्स ऑफिसर अभिनव के मुताबिक जिले की 15 एजेंसियों पर 6290 सिलिंडर उपलब्ध हैं, जबकि 450 और 360 सिलिंडर की दो गाड़ियां 10 मार्च की रात तक पहुंचने की संभावना है।
भारत पेट्रोलियम के सेल्स ऑफिसर नेहाल पांडेय के अनुसार 11 एजेंसियों पर 6322 सिलिंडर का स्टॉक मौजूद है और 11 मार्च को 360 सिलिंडर की एक गाड़ी आने वाली है। वहीं इंडियन ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि अखिलेश के मुताबिक 38 एजेंसियों पर कुल 16595 सिलिंडर उपलब्ध हैं।
प्रशासन ने पर्याप्त स्टॉक का किया दावा
जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिले की 66 गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और ओटीपी प्रणाली के माध्यम से नियमित वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर लगातार नजर रखे हुए है।
अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में गैस की आपूर्ति बाधित न होने दी जाए। यदि कहीं भी अवैध भंडारण या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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