गोलाघाट में मरहूमा अबरार फातिमा की मजलिस ए चेहल्लुम का आयोजन
रामनगर(वाराणसी): गोलाघाट में मरहूमा अबरार फातिमा के चालीसवें के मौके पर रविवार को इमाम बारगाह फातमीया में मजलिस ए चेहल्लुम और शोक सभा का आयोजन किया गया। मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद और अजादार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मरहूमा को खिराज ए अकीदत पेश किया गया और उनकी मगफिरत के लिए दुआ की गई। मजलिस के दौरान धार्मिक और तालीमी पहलुओं पर भी विस्तार से रोशनी डाली गई।
सोजख्वानी से हुआ मजलिस का आगाज
मजलिस का आगाज पेसरान हाजी यूसुफ मरहूम ने सोजख्वानी से किया। इसके बाद मौलाना सैय्यद सज्जाद हैदर आब्दी जंगीपुरी ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कुरान मजीद और कर्बला के वाकये के हवाले से लोगों को इस्लामी तालीम और इंसानी मूल्यों की जानकारी दी। मौलाना ने कर्बला की सरपरस्ती और उससे जुड़ी तालीमी हकीकत को लोगों के सामने रखते हुए दीन और इंसानियत के उसूलों को समझने तथा अपनी जिंदगी में अपनाने पर जोर दिया। मजलिस में मौजूद लोगों ने खिताब को पूरी तवज्जो के साथ सुना।
पेशख्वानी और नौहाख्वानी से माहौल हुआ गमगीन
मजलिस के दौरान मुख्तलिफ शोअरा ए एकराम ने पेशख्वानी की। इसके बाद अंजुमन मुहाफिजे अजा की ओर से नौहाख्वानी पेश की गई। पुरसोज नौहों के दौरान मजलिस में मौजूद अकीदतमंद गमगीन नजर आए। चेहल्लुम की मजलिस के मौके पर कर्बला की याद और अजा की रवायत से जुड़ी भावनाएं प्रमुख रूप से सामने आईं। मजलिस में शामिल लोगों ने मरहूमा अबरार फातिमा को याद करते हुए उनके लिए दुआ ए मगफिरत की।
सैकड़ों लोगों ने की शिरकत
मजलिस में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम में सैय्यद फरमान रजा नजफी, मोहम्मद मेहंदी, सय्यद रजी जैदी, शहंशाह मिर्जापुरी, मिर्जा मुशीर हसन, मुजम्मिल मिर्जा, मुन्ना मिर्जा, इनाम रजा, कासिम रजा, अख्तर रजा आब्दी, समर अब्बास, आफताब हुसैन, इकराम रिजवी, बालिस्टर हुसैन, रजा काजमी, नकी हसन विक्की, आसिम, यूसुफ रिजवी रईस, शबिहुल हसन फातमी, जहीर हसन जैदी, सय्यद आदिल हुसैन, हादी हुसैन, मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद हैदर, मोहम्मद, अस्र जैदी, बाकिर रजा, मुजतबा, नदीम आब्दी, एबाद रजा, आजम रिजवी, करनैन, कुमैल रजा, मीसम, अरमान, कुमैल, हसन इमाम जिम्मी, बशर, राजू, नादिर अली, रियाजुल हसन, राशिद आब्दी, अजादार हुसैन और मोहम्मद मेंहदी सल्लन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने जताया शुक्रिया
मजलिस के आयोजक सैय्यद इजलाल हैदर आब्दी, सैय्यद शबीब हैदर आब्दी और सैय्यद मोहसिन रजा आब्दी ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया। आयोजकों ने मजलिस में पहुंचकर मरहूमा अबरार फातिमा की याद में आयोजित इस मजलिस में शिरकत करने और दुआ में शामिल होने वाले सभी अकीदतमंदों के प्रति आभार जताया। मजलिस का संचालन नदीम आब्दी ने किया।
महिलाओं के लिए अलग मजलिस का आयोजन
मजलिस ए चेहल्लुम के सिलसिले में महिलाओं के लिए भी अलग मजलिस का आयोजन किया गया। औरतों की मजलिस अज़ाखाना ए मरहूम सैय्यद अली अनवर में आयोजित हुई। यहां भी मरहूमा अबरार फातिमा को याद किया गया और अजा की रस्मों के साथ मजलिस में शामिल महिलाओं ने अपनी अकीदत पेश की। इस तरह गोलाघाट में एक ही मौके पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग अलग मजलिसों का आयोजन कर कार्यक्रम को पूरा किया गया।
चेहल्लुम की मजलिस का धार्मिक और तालीमी महत्व
चेहल्लुम की मजलिसें शिया समुदाय में अकीदत और अजा की महत्वपूर्ण रवायत का हिस्सा मानी जाती हैं। ऐसी मजलिसों में कर्बला के वाकये और हजरत इमाम हुसैन तथा उनके साथियों की कुर्बानियों को याद किया जाता है। मजलिस के दौरान कुरान मजीद की तालीम, धार्मिक संदेश, पेशख्वानी, सोजख्वानी और नौहाख्वानी के जरिए अकीदतमंदों को कर्बला के पैगाम से जोड़ा जाता है। वाराणसी में भी विभिन्न मौकों पर ऐसी मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की रवायत रही है।
गोलाघाट स्थित इमाम बारगाह फातमीया में आयोजित मजलिस ए चेहल्लुम में धार्मिक अकीदत के साथ मरहूमा अबरार फातिमा को याद किया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने मजलिस की अदायगी के दौरान पूरी संजीदगी और एहतराम के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सोजख्वानी से लेकर पेशख्वानी और नौहाख्वानी तक कार्यक्रम के विभिन्न मराहिल में अकीदतमंदों की भागीदारी रही। आयोजकों की ओर से सभी लोगों का शुक्रिया अदा किए जाने के साथ मजलिस का समापन हुआ।
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