पिशाच मोचन कुंड में डूबने से युवक की मौत, शव घर ले गए परिजन; पुलिस ने समझाकर दोबारा अस्पताल भेजा
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के पिशाच मोचन स्थित कुंड में बुधवार सुबह स्नान करने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बड़ी मलदहिया निवासी राजू कुमार उर्फ दीपक (34) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना पर सिगरा पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद एनडीआरएफ ने युवक का शव कुंड से बाहर निकाला, जिसे एंबुलेंस से कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, राजू कुमार उर्फ दीपक सुबह करीब 6:30 बजे अपने दो साथियों करन राजभर (36) और लखन के साथ पिशाच मोचन कुंड में स्नान करने पहुंचा था। स्नान के दौरान राजू गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पुलिस ने बताया कि तीनों के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
एनडीआरएफ ने काफी प्रयास के बाद निकाला शव
युवक के डूबने की सूचना मिलते ही सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा, चौकी प्रभारी प्रीति गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एनडीआरएफ को सूचना दी। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुंड में तलाश अभियान चलाया और काफी प्रयास के बाद राजू का शव पानी से बाहर निकाला। इसके बाद शव को एंबुलेंस से कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल भेजा गया।
पोस्टमार्टम को लेकर परिजन शव घर ले गए
पिशाच मोचन कुंड में हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। सिगरा पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस से शव उतारे जाने के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से जोर-जबरदस्ती करते हुए शव घर ले जाने की बात कही। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे और शव को ई-रिक्शा से अपने घर ले गए। इससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बनी।
पुलिस ने घर पहुंचकर समझाया, फिर अस्पताल भेजा शव
सोशल मीडिया पर शव को पुलिस के कब्जे से छीनकर फरार होने की चर्चा के संबंध में सिगरा पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक स्वयं मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को समझाया। इसके बाद शव को दोबारा कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौके पर फिलहाल शांति व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाह का पुलिस ने किया खंडन
पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि परिजन शव को लेकर कुछ दूरी तक गए थे, लेकिन पुलिस द्वारा पीछा कर जबरन शव बरामद करने की बात पुलिस ने नहीं कही है। पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शव को दोबारा अस्पताल भिजवाया गया। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही शव छीनकर भागने या पुलिस द्वारा पीछा कर शव बरामद करने की चर्चा को पुलिस के आधिकारिक विवरण के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
पिशाच मोचन कुंड को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा
पिशाच मोचन क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आते हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस कुंड को लेकर कई तरह की मान्यताएं और चर्चाएं भी हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में एक बार फिर कुंड की गहराई और वहां स्नान के दौरान सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे स्थानीय बोलचाल में ‘भूत तालाब’ भी कहते हैं और कुंड में डूबने की घटनाओं को लेकर अंधविश्वास से जुड़ी बातें करते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के ‘भूत द्वारा खींचे जाने’ की बात का कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल शव अस्पताल में है और पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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