हापुड़ में बदला मौसम: बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं से बढ़ी सर्दी, 12 मिमी बारिश दर्ज

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मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के...
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हापुड़ में बदला मौसम, बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं से बढ़ी सर्दी

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मंगलवार दोपहर से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह तक मौसम सामान्य और हल्का खुशनुमा रहा लेकिन दोपहर करीब बारह बजे घने बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके कुछ ही समय बाद रुक रुककर बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम तक जिले में करीब बारह मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया।

बारिश के चलते सड़कों पर कीचड़ फैल गया और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी और बर्फीली हवाओं ने सर्दी का अहसास और बढ़ा दिया। दिन भर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर कम रहने के कारण ठिठुरन ज्यादा महसूस की गई। लोग ठंड और बारिश से बचने के लिए दिन भर सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए।

मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं का असर मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। बादल छाए रहने से सर्दी और बढ़ सकती है और आने वाले दिनों में पाला पड़ने के संकेत भी मिल रहे हैं।

कृषि विभाग का कहना है कि यह वर्षा और तापमान में आई कमी कई फसलों के लिए लाभकारी है। गेहूं सरसों और सब्जी की फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जाता है। हालांकि आलू की फसल को लेकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार हवा में नमी बने रहने से आलू में फंगस फैलने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए नियमित निगरानी और आवश्यक उपचार जरूरी है।

ठंडी हवाओं के कारण पशुपालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि पशुओं को सीधे ठंडी हवा से बचाया जाए ताकि बीमारियों का खतरा न बढ़े। वहीं चिकित्सकों ने रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम कम तापमान के समय बाहर निकलने से बचें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और गुनगुने पानी का सेवन करें।

कृषि विज्ञान केंद्र हापुड़ के मौसम विज्ञानी डा अशोक कुमार सिंह के अनुसार इस सप्ताह तापमान कम बना रह सकता है और बादल छाए रहने से सर्दी में और इजाफा होगा। आने वाले दिनों में मौसम का असर जनजीवन के साथ साथ खेती पर भी साफ दिखाई देगा।

मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा पिछले 12 वर्षों से जारी है, जहां मैंने सच्चाई, पारदर्शिता और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया है। मेरे कार्य की विशेषता केवल समाचारों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समसामयिक घटनाओं का गहन विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों की संवेदनशील प्रस्तुति भी उसमें शामिल है। मैंने हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर, बिना किसी पूर्वाग्रह के समाचारों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे पाठकों को न केवल जानकारी मिले, बल्कि वे जागरूकता और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित भी हों। न्यूज़ रिपोर्ट के संपादकीय नेतृत्व में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों को स्थापित किया जाए। मेरी पूरी टीम के साथ मिलकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि 'न्यूज़ रिपोर्ट' सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक आवाज़ बनकर उभरे।