रेलवे की बड़ी पहल: बरेली समेत कई रेलखंडों पर नई लाइन और दोहरीकरण के सर्वे को मंजूरी
भारतीय रेलवे ने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे की पिंक बुक में कई नई रेल परियोजनाओं और दोहरीकरण के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी गई है। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर रेलवे मंडल के तहत बरेली क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे आने वाले समय में रेल यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
रोजा–मुरादाबाद रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन की तैयारी
रेलवे ने रोजा से मुरादाबाद के बीच करीब 172 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी है। यह रूट पहले से ही अत्यधिक व्यस्त माना जाता है, जहां ट्रेनों की आवाजाही अधिक होने के कारण ट्रैफिक दबाव बना रहता है।
नई लाइनों के निर्माण से इस सेक्शन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी और देरी की समस्या में कमी आएगी। साथ ही मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में बेहतर संतुलन स्थापित होगा।
बरेली–अलीगढ़ रेलखंड के दोहरीकरण को मिली हरी झंडी
बरेली से अलीगढ़ जंक्शन के बीच चंदौसी मार्ग (लगभग 167.74 किलोमीटर) के दोहरीकरण के लिए भी फाइनल सर्वे को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी।
दोहरीकरण से इस मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार और आवृत्ति दोनों में सुधार होगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और संचालन अधिक प्रभावी बनेगा।
अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी प्रस्तावित
रेलवे द्वारा जिन अन्य परियोजनाओं के सर्वे को मंजूरी दी गई है, उनमें भीरा से मैलानी (करीब 16 किलोमीटर) के बीच गेज परिवर्तन के लिए लोकेशन सर्वे शामिल है। इससे इस क्षेत्र में रेल सेवाओं का विस्तार संभव होगा।
इसके अलावा सीतापुर–मैलानी–पीलीभीत–बरेली रेलखंड (लगभग 212.3 किलोमीटर) के दोहरीकरण के लिए भी सर्वे को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भोजीपुरा बाईपास लाइन, जो सेंथल से देवरनिया के बीच लगभग 14 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित है, के निर्माण के लिए भी सर्वे को हरी झंडी मिली है। इस बाईपास लाइन से ट्रेनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बचाते हुए सीधे मार्ग उपलब्ध कराया जा सकेगा।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और अधिक ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही माल परिवहन में भी तेजी आएगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
रेलवे का यह कदम आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क को और अधिक आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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