कानपुर में 58 लाख की फर्जी लूट का खुलासा, सराफा कारोबारी निकला खुद ही आरोपित
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : कानपुर में 58 लाख रुपये की कथित लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए चौंकाने वाला सच सामने रखा है। इस मामले में पीड़ित ही आरोपित निकला। सराफा कारोबारी अंतिम सोनी को रायपुरवा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि उसने एक विधवा महिला को शादी के जाल में फंसाने के लिए पूरी फर्जी लूट की कहानी रची थी।
शादी के नाम पर रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित सोनर धर्मशाला के पास रहने वाला अंतिम सोनी करीब चार महीने पहले एक विधवा महिला के संपर्क में आया था। यह संपर्क एक ऑनलाइन वैवाहिक प्लेटफॉर्म के जरिए हुआ था। महिला दो बच्चों की मां है। आरोपी ने खुद को सक्षम और संपन्न कारोबारी बताकर उसे अपने झांसे में लिया और शादी का प्रस्ताव रखा।
नवरात्रि के दौरान दोनों की सगाई तय की गई थी। आरोपी ने महिला को प्रभावित करने के लिए 65 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने की योजना बताई और एडवांस के तौर पर 30 लाख नकद और 8 लाख रुपये के जेवरात लेकर कानपुर आने की बात कही।
लूट की झूठी कहानी से पुलिस को किया गुमराह
कानपुर पहुंचने के बाद आरोपी ने सीसामऊ पुलिस को सूचना दी कि उसके साथ अफीमकोठी पुल के पास 58 लाख रुपये की लूट हो गई है। इस सूचना के आधार पर रायपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की चार टीमें गठित की गईं, जिनमें सर्विलांस, साइबर, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस शामिल थी।
500 सीसीटीवी कैमरों से खुली पोल
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में पता चला कि आरोपी संगम एक्सप्रेस से सुबह 4 बजकर 8 मिनट पर कानपुर पहुंचा और 4 बजकर 21 मिनट पर स्टेशन से बाहर निकला। इसके बाद वह आराम से सिगरेट पीता नजर आया और उसका बैग उससे करीब 10 मीटर दूर रखा हुआ था।
यह दृश्य पुलिस के लिए संदेह का कारण बना क्योंकि इतनी बड़ी रकम लेकर चलने वाला व्यक्ति इतनी लापरवाही नहीं कर सकता। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि जिस समय आरोपी ने खुद को अफीमकोठी के पास बताया था, उस समय उसकी लोकेशन पनकी पड़ाव में थी।
पूछताछ में टूट गया आरोपी
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। उसने स्वीकार किया कि महिला को शादी के जाल में फंसाने के लिए उसने यह फर्जी लूट की कहानी बनाई थी। इतना ही नहीं, उसने महिला की करीब 3 ग्राम सोने की चेन भी अपने पास रख ली थी।
खाते में मिले मात्र 1710 रुपये
जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। आरोपी के खाते में मात्र 1710 रुपये थे, जिनमें से 1500 रुपये उसने किसी से ऑनलाइन उधार लिए थे। इससे यह साफ हो गया कि लूट की कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत थी।
पहले भी कर चुका है कई शादियां और ठगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी तीन शादियां कर चुका है। इसके अलावा वह पीतल पर सोने की परत चढ़ाकर कई लोगों से ठगी कर चुका है। इंदौर में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है, जहां उसने फर्जी सोना गिरवी रखकर करीब डेढ़ लाख रुपये का लोन लिया था।
आरोपी के सोशल मीडिया खातों की जांच में करीब 15 महिलाओं से उसकी बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं, जिससे उसके ठगी के नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा रहा है।
पुलिस ने जोड़ी गंभीर धाराएं, टीम को इनाम
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, आरोपी के खिलाफ लूट की फर्जी सूचना देने और झूठे साक्ष्य गढ़ने की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। इस पूरे मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस की सतर्कता से बची बड़ी ठगी
इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यदि समय रहते इस फर्जी कहानी का पर्दाफाश नहीं होता, तो आरोपी आगे भी कई लोगों को अपना शिकार बना सकता था। पुलिस अब आरोपी के पुराने मामलों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
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