कानपुर में अवैध तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़, बंद ब्रुश फैक्ट्री से 7 तमंचे व औजार बरामद

By
Chief Editor
मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के...
3 Min Read
कर्नलगंज पुलिस व सेंट्रल जोन सर्विलांस टीम ने बंद ब्रुश फैक्ट्री में चल रही अवैध तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

कानपुर में अवैध तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ छह माह से बंद ब्रुश फैक्ट्री में चल रहा था गोरखधंधा

कानपुर के पीपीएन मार्केट क्षेत्र में बीते छह महीनों से संचालित अवैध तमंचा फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कर्नलगंज पुलिस और सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में सरगना समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। यह अवैध फैक्ट्री एक बंद पड़ी ब्रुश फैक्ट्री में चलाई जा रही थी जहां से सात बने हुए तमंचे उनके पुर्जे और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी कानपुर के साथ साथ आसपास के जनपदों में भी तमंचों की आपूर्ति कर रहे थे।

मंगलवार को कर्नलगंज थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में अतुल कुमार श्रीवास्तव ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कर्नलगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने पीपीएन मार्केट के पास स्थित लंबे समय से बंद ब्रुश फैक्ट्री में छापा मारा जिससे वहां हड़कंप मच गया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से सात तमंचे वेल्डिंग मशीन लोहे की रॉड स्प्रिंग भट्टी और तमंचा बनाने में प्रयुक्त अन्य उपकरण मिले। मौके से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया जिनकी पहचान उन्नाव जिले के मांखी मेथी टिकुर निवासी देशराज कर्नलगंज बकरमंडी निवासी मो आकिब और चांदबाबू के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह का सरगना देशराज है जो पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। आरोपी तमंचे बनाकर पांच हजार से आठ हजार रुपये में बेचते थे और पुलिस की नजर से बचने के लिए लगातार जगह बदल बदलकर काम करते थे। इस अवैध कारोबार से उन्होंने शहर और आसपास के जिलों में हथियारों की सप्लाई की बात भी कबूल की है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से अवैध हथियारों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। मामले के सफल खुलासे पर डीसीपी सेंट्रल ने कार्रवाई करने वाली पुलिस और सर्विलांस टीम को पच्चीस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क में और कौन लोग थे तथा कहां कहां हथियारों की आपूर्ति की जाती थी। इस कार्रवाई को कानपुर में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा पिछले 12 वर्षों से जारी है, जहां मैंने सच्चाई, पारदर्शिता और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया है। मेरे कार्य की विशेषता केवल समाचारों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समसामयिक घटनाओं का गहन विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों की संवेदनशील प्रस्तुति भी उसमें शामिल है। मैंने हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर, बिना किसी पूर्वाग्रह के समाचारों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे पाठकों को न केवल जानकारी मिले, बल्कि वे जागरूकता और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित भी हों। न्यूज़ रिपोर्ट के संपादकीय नेतृत्व में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों को स्थापित किया जाए। मेरी पूरी टीम के साथ मिलकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि 'न्यूज़ रिपोर्ट' सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक आवाज़ बनकर उभरे।