कानपुर के चर्चित कुशाग्र हत्याकांड में बुधवार को बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया। अपर जिला जज सुभाष सिंह की अदालत ने इस मामले में ट्यूशन टीचर रचिता वत्स उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और उनके साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि तीनों ने साजिश के तहत इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई 22 जनवरी को होगी। फैसले के दिन तीनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल से अदालत लाया गया था।
दोष सिद्ध होने के बाद कुशाग्र की मां सोनिया कनोडिया की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी मासूम के साथ ऐसा अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। अदालत परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक मामले को सुनकर भर आईं।
गौरतलब है कि जयपुरिया स्कूल में हाईस्कूल का छात्र कुशाग्र कनोडिया 30 अक्टूबर 2023 को रोज की तरह कोचिंग के लिए निकला था लेकिन वापस घर नहीं लौटा। बाद में सामने आया कि उसका अपहरण कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता उसकी ही ट्यूशन टीचर रचिता वत्स थी जिसने अपने प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके साथी शिवा गुप्ता के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने अदालत को बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर कुशाग्र का शव प्रभात शुक्ला के घर के बाहर बने एक कमरे से बरामद किया गया था। मामले में कुल 14 गवाह पेश किए गए जिनमें मृतक के घर के तीन गवाह भी शामिल थे। बीते सप्ताह मंगलवार को अंतिम बहस पूरी होने के बाद बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए तीनों को दोषी करार दिया।
फैसला सुनाते समय अदालत ने टिप्पणी की कि यह निर्णय आने वाले समय में एक नजीर बनेगा और कानून के विद्यार्थियों को इस मामले का अध्ययन करना चाहिए। अभियोजन पक्ष ने संकेत दिए हैं कि सजा के बिंदु पर अदालत से फांसी की मांग की जाएगी। इस फैसले के बाद एक बार फिर पूरे शहर में कुशाग्र हत्याकांड की चर्चा तेज हो गई है और लोग न्याय मिलने की बात कह रहे हैं।
