कानपुर के ग्वालटोली में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर बुजुर्ग की हत्या, दो आरोपी हिरासत में
कानपुर। ग्वालटोली थाना क्षेत्र में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करना एक बुजुर्ग पिता के लिए जानलेवा साबित हुआ। आरोप है कि युवक ने अपने परिजनों के साथ मिलकर घर में घुसकर बुजुर्ग पर हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
घर में घुसकर किया गया हमला
घटना रविवार दोपहर की बताई जा रही है, जब आरोपित साहिल अपने परिवार के सदस्यों के साथ पीड़ित के घर पहुंचा। आरोप है कि उसने अपनी बहन कोमल, भाई करन और मां राधा के साथ मिलकर बुजुर्ग पर हमला किया।
हमले के दौरान आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए बुजुर्ग के साथ मारपीट की। इसी दौरान करन ने घर में रखी लोहे की कढ़ाई से बुजुर्ग के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में हुई मौत
घटना के बाद परिजनों और पड़ोसियों की मदद से घायल बुजुर्ग को एलएलआर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान देर शाम उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
छेड़छाड़ का विरोध बना वजह
पीड़िता के अनुसार, आरोपित साहिल लंबे समय से उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था और मोबाइल नंबर मांगकर परेशान करता था। कई बार मना करने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
शनिवार को भी उसने घर आकर बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट की थी। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़िता का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो उनके पिता की जान बच सकती थी। शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण आरोपितों के हौसले बुलंद हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने खलासी लाइन चौकी प्रभारी शुभम को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर चारों आरोपितों के खिलाफ पहले हत्या के प्रयास और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बुजुर्ग की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
परिवार की हालत दयनीय
मृतक करीब 70 वर्ष के थे और वर्ष 2015 में उन्हें पैरालिसिस का अटैक पड़ा था, जिसके कारण वे ठीक से चल-फिर नहीं पाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और उनकी पत्नी घरों में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं।
इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और क्षेत्र के लोगों में भी भारी आक्रोश है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि समय पर कार्रवाई न होने के क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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