कानपुर में एसआई भर्ती परीक्षा में जनरल स्टडीज और गणित ने उलझाए अभ्यर्थी, हिंदी ने दी राहत
उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक और समकक्ष पदों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का पहला दिन कानपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। शनिवार को शहर के 53 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र का स्तर मिश्रित रहा। जनरल स्टडीज और गणित के कई सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया, जबकि हिंदी और रीजनिंग के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की ओर से 14 और 15 मार्च को उप निरीक्षक और समकक्ष पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसके तहत कानपुर शहर के 53 परीक्षा केंद्रों पर कुल 77760 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। शनिवार सुबह से ही अभ्यर्थी अपने परिजनों और परिचितों के साथ परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे थे।
सुबह से ही केंद्रों पर लगी अभ्यर्थियों की भीड़
परीक्षा केंद्रों पर सुबह आठ बजे से पहले ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। निर्धारित समय के अनुसार सुबह नौ बजे के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। अभ्यर्थियों को लाइन में खड़ा कर उनकी सघन तलाशी ली गई और पहचान की जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों से जूते मोजे, कंगन, बिछिया और कान की बालियां तक उतरवाई गईं।
कुछ परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के हाथ में बंधे धार्मिक धागों और कलावे की भी जांच की गई। जहां आवश्यक लगा वहां उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ केंद्रों पर जांच के बाद बिना काटे ही अंदर प्रवेश दे दिया गया। प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर उसे बाहर जमा कराया गया और इसके बाद अभ्यर्थियों की रेटीना जांच की गई। लगभग सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
जनरल स्टडीज के सवालों में उलझे अभ्यर्थी
दोपहर बारह बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद जब अभ्यर्थी बाहर निकले तो कई के चेहरे संतोष से भरे दिखे जबकि कुछ निराश नजर आए। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि जिन्होंने नियमित तैयारी की थी उनके लिए प्रश्नपत्र बहुत कठिन नहीं था, लेकिन जनरल स्टडीज के कुछ सवालों ने परेशानी जरूर पैदा की।
अभ्यर्थियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता से संबंधित धाराओं पर आधारित प्रश्न और प्रसिद्ध उपन्यासकारों की रचनाओं से जुड़े सवाल अपेक्षाकृत कठिन लगे। कई अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का उत्तर देने में समय लगा। इसी कारण कुछ अभ्यर्थी पूरे प्रश्नपत्र को हल नहीं कर सके।
गणित के सवाल घुमावदार बताए
परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित के प्रश्न घुमावदार थे और उन्हें हल करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा। समय प्रबंधन के कारण कई अभ्यर्थी सभी प्रश्नों को हल नहीं कर पाए। परीक्षा में कुल 160 प्रश्न पूछे गए थे जिनमें से कई अभ्यर्थियों ने 140 से 150 प्रश्न तक ही हल किए। हालांकि कुछ अभ्यर्थियों ने सभी प्रश्नों के उत्तर लिखने का दावा भी किया।
रीजनिंग के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान बताए गए, हालांकि कुछ सवाल लंबे थे जिससे उन्हें हल करने में समय लग रहा था। इसके विपरीत हिंदी के प्रश्नों को अधिकांश अभ्यर्थियों ने सरल बताया और कहा कि इस विषय ने उन्हें राहत दी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा को नकलमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शहर के सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 1500 पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्रों की निगरानी में लगाए गए थे जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगभग 500 पुलिसकर्मियों को अलग से तैनात किया गया था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डा विपिन ताडा ने स्वयं कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन सहित कई केंद्रों का दौरा कर वहां तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही अपर पुलिस आयुक्त ने कंट्रोल रूम से शहर की यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
समय समाप्त होने पर अभ्यर्थी भावुक हुआ
गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आए प्रयागराज के अभ्यर्थी विजय कुमार समय समाप्त होने के कारण पूरे प्रश्नपत्र को हल नहीं कर पाए। उन्होंने लगभग 94 प्रश्न ही हल किए थे कि परीक्षा समाप्त होने की घोषणा कर दी गई। ओएमआर शीट वापस लिए जाने के दौरान उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन नियमानुसार शीट जमा करा ली गई।
इसके बाद वह परीक्षा केंद्र परिसर में ही बैठकर रोने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया और शांत कराया। बाद में पुलिसकर्मी उन्हें अपनी गाड़ी से नजीराबाद थाने ले गए और उनके परिजनों को फोन कर पूरी जानकारी दी।
पते की गड़बड़ी से कुछ अभ्यर्थी भटके
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन चुन्नीगंज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था, लेकिन कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में पते की वर्तनी अलग लिखी होने के कारण कुछ अभ्यर्थियों को केंद्र खोजने में परेशानी हुई। कई अभ्यर्थी घुन्नीगंज और चुन्नीगंज के भ्रम में इधर उधर भटकते रहे, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सही केंद्र तक पहुंचाया गया।
अभ्यर्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। जालौन के मनोज कुमार ने बताया कि वह पहले भी सिपाही और एएसआई भर्ती की परीक्षा दे चुके हैं और दोनों की लिखित परीक्षा पास कर चुके हैं। उनके अनुसार इस बार एसआई की परीक्षा में उन्हें कोई विशेष कठिनाई नहीं हुई और उन्होंने सभी प्रश्न हल कर दिए।
इटावा की अभ्यर्थी ज्योति ने बताया कि उन्होंने सभी 160 प्रश्नों के उत्तर लिखे हैं, हालांकि गणित के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रश्न काफी आसान थे और उनसे उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन हुआ है।
प्रयागराज के फाफामऊ शांति नगर निवासी मो अकमल ने बताया कि रीजनिंग और हिंदी के प्रश्न आसान थे लेकिन गणित और जनरल स्टडीज के सवालों में उलझने के कारण उन्हें समय कम मिल पाया। उन्होंने कुल 160 में से लगभग 145 प्रश्न ही हल किए।
प्रयागराज के राहुल सिंह ने बताया कि उन्होंने सभी 160 प्रश्नों का उत्तर लिखा है लेकिन उनके अनुसार लगभग 130 उत्तर ही पूरी तरह सही होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हिंदी और रीजनिंग के प्रश्न सरल थे जबकि गणित और जनरल स्टडीज में थोड़ी कठिनाई हुई।
कुल मिलाकर पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया के अनुसार प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा, हालांकि जनरल स्टडीज और गणित के कुछ सवालों ने उन्हें चुनौती जरूर दी। अब अभ्यर्थियों की नजर दूसरे दिन की परीक्षा और आगे की चयन प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
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