काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था पर उठे सवालों पर मंदिर प्रशासन का पक्ष
वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर हाल के दिनों में उठे सवालों और आरोपों के बीच मंदिर प्रशासन ने पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा है। मंदिर न्यास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त एक तस्वीर साझा की गई है। इस तस्वीर में शिकायतकर्ता निर्धारित मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए रेलिंग कूदकर आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह दृश्य इस ओर संकेत करता है कि दर्शन व्यवस्था के दौरान बनाए गए नियमों का उल्लंघन स्वयं शिकायतकर्ता द्वारा किया गया। न्यास के अनुसार इस प्रकरण से जुड़ी वीडियो फुटेज भी सुरक्षित है और आंतरिक समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मंदिर प्रबंधन की ओर से किसी भी प्रकार का शारीरिक या शाब्दिक दुर्व्यवहार नहीं हुआ।
महाशिवरात्रि के दिन दर्ज हुई शिकायत
महाशिवरात्रि जैसे अत्यधिक भीड़ वाले पर्व के दिन दो दर्शनार्थियों बाबूलाल सोनकर और भदैनी निवासी अनुज पांडेय ने चौक थाने में एसडीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मंदिर परिसर में अव्यवस्था और कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए। आरोप सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं पर सवाल उठे और मामला चर्चा में आ गया। इसके बाद मंदिर न्यास ने तथ्यों की जांच शुरू की। संबंधित समयावधि की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर तैनात कर्मचारियों से जानकारी ली गई ताकि किसी स्तर पर हुई चूक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रशासन का आधिकारिक बयान
मंदिर न्यास की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ताओं के साथ किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शारीरिक या शाब्दिक दुर्व्यवहार नहीं किया गया। न्यास ने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में वह व्यक्तिगत आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से बचता है। लेकिन इस मामले में तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किए जाने और भ्रामक आरोपों के प्रसार के कारण स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक हो गया। प्रशासन के अनुसार त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है और व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में सभी दर्शनार्थियों से निर्धारित नियमों और मार्गों का पालन करने की अपील की जाती है ताकि किसी को असुविधा न हो।
पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाती है। भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। परिसर में सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाता है ताकि किसी विवाद की स्थिति में तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सके। प्रशासन का कहना है कि इसी निगरानी प्रणाली के कारण हर गतिविधि का दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध रहता है। जारी की गई तस्वीर को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है ताकि सार्वजनिक रूप से फैली गलतफहमियों को दूर किया जा सके।
श्रद्धालुओं से अपील और आगे की प्रक्रिया
पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर साक्ष्यों के साथ स्थिति सार्वजनिक की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। प्रशासन के अनुसार वास्तविक शिकायतों और सुझावों का स्वागत किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सुधार किए जाएंगे। लेकिन तथ्यों के विपरीत लगाए गए आरोपों से न केवल व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि उस संस्थान की छवि पर भी असर पड़ता है जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।
