- वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक, त्योहार, यातायात और महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश
- होली और रमजान को लेकर विशेष सतर्कता
- यक्ष एप और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन
- लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
- महिला अपराधों में शून्य सहनशीलता
- यातायात और अतिक्रमण पर अभियान
- बारात और लाउडस्पीकर व्यवस्था
- गुमशुदा और साइबर अपराध पर फोकस
- मिशन शक्ति और जल पुलिस
- सीसीटीवी अभियान
वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने की समीक्षा बैठक, त्योहार, यातायात और महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश
कमिश्नरेट वाराणसी में 17 फरवरी 2026 को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। यातायात सभागार में आयोजित इस बैठक में लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, सुगम यातायात व्यवस्था, आगामी होली और रमजान जैसे त्योहारों की तैयारियों तथा कानून व्यवस्था से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा निर्देश जारी किए।
होली और रमजान को लेकर विशेष सतर्कता
आगामी होली और रमजान को देखते हुए धर्मगुरुओं, आयोजकों और शांति समिति के साथ समन्वय बैठक करने के निर्देश दिए गए। होली जुलूस, मटका फोड़ और होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही आयोजित किए जाएं। नई परंपरा या मार्ग परिवर्तन पर रोक रहेगी। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों की पहचान कर पूर्व से निगरानी रखने तथा संभावित विवादित तत्वों के विरुद्ध विधिक पाबंदी सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीजे संचालन को ध्वनि मानकों और समय सीमा के भीतर रखने, रात्रि दस बजे के बाद पूर्ण प्रतिबंध लागू कराने और उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी तथा यातायात प्रबंधन के लिए वैकल्पिक मार्ग और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया।
यक्ष एप और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन
यक्ष एप को एकीकृत प्रणाली बताते हुए सभी अधिकारियों को नियमित डेटा अपडेट और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीन ऑफ क्राइम की तत्काल वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर साक्ष्य एप पर अनिवार्य रूप से फीडिंग करने को कहा गया। ई समन के माध्यम से प्राप्त समन और वारंट की समय सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कोई भी विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। यदि विशेष परिस्थिति में 60 दिन से अधिक समय लगता है तो अपर पुलिस आयुक्त अपराध की अनुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराधों में शून्य सहनशीलता
महिला संबंधी मामलों में तत्काल गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया। शिकायत लेने में देरी या लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सभी अधिकारियों को अपना सीयूजी फोन अनिवार्य रूप से उठाने और जनता की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए।
यातायात और अतिक्रमण पर अभियान
सभी विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने और हटाए गए अतिक्रमण स्थल पर पुनः कब्जा न होने देने के निर्देश दिए गए। ऑटो और ई रिक्शा चालकों को बारकोड प्रणाली का पालन करने को कहा गया। रांग साइड चलने वालों और बिना नंबर प्लेट वाहनों के विरुद्ध नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा धारा 281 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
बारात और लाउडस्पीकर व्यवस्था
बारात के दौरान सड़क का दो तिहाई भाग यातायात के लिए और एक तिहाई भाग बारात के लिए सुनिश्चित करने को कहा गया। रात्रि दस बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मैरेज लॉन संचालकों को पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध की पुनः पुष्टि की गई।
गुमशुदा और साइबर अपराध पर फोकस
प्रत्येक गुमशुदा मामले में एक उपनिरीक्षक को नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित करने और तकनीकी व पारंपरिक दोनों माध्यमों से ट्रेसिंग करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध के प्रत्येक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ करने तथा प्रत्येक थाने पर साइबर प्रभारी को न्यूनतम पांच प्रकरण आवंटित करने को कहा गया।
मिशन शक्ति और जल पुलिस
कोचिंग और विद्यालयों के आसपास टिप्पणी करने या पीछा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जल पुलिस को बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीसीटीवी अभियान
हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, वित्तीय कार्यालय, स्कूल और सर्राफा दुकानों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु नोटिस जारी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा और सभी अधिकारी निर्धारित दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
