वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया
पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरुणा जोन अंतर्गत थाना सारनाथ पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में वांछित बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। यह कार्रवाई 17 फरवरी 2026 को ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई। पुलिस के अनुसार गुमशुदा और अपहृत व्यक्तियों की बरामदगी तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में यह सफलता प्राप्त हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर संचालित अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में थाना सारनाथ पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।
पैगम्बरपुर रुप्पनपुर से लिया गया अभिरक्षा में
मुकदमा संख्या 0088 वर्ष 2026 धारा 64(2)(m) बीएनएस और 5(l) 6 पॉक्सो एक्ट थाना सारनाथ से संबंधित बाल अपचारी को 17 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 14.15 बजे पैगम्बरपुर रुप्पनपुर थाना सारनाथ क्षेत्र से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस के अनुसार बाल अपचारी की उम्र लगभग 13 वर्ष है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण
उक्त मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित कर संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर बाल अपचारी का पता लगाया गया।
अग्रेतर विधिक कार्रवाई जारी
पुलिस के अनुसार बाल अपचारी को विधिक प्रक्रिया के तहत किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में अग्रेतर विधिक कार्रवाई प्रचलित है और संबंधित अभिलेख न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
अभिरक्षा में लेने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक अमरजीत कुमार तथा कांस्टेबल दीपक कुमार मौर्या की प्रमुख भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की तत्परता की सराहना की है।
वरुणा जोन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
