काशी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर वर्ष 2010 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी किरिट हरिभाई राठौड़ की नियुक्ति की गई है। इससे पहले वह लखनऊ में पुलिस उपमहानिरीक्षक यानी डीआईजी पीएसी सेक्टर के पद पर तैनात थे। उत्तर प्रदेश शासन के तबादला आदेश के बाद उनकी नई तैनाती वाराणसी में की गई है। राठौड़ पुलिस सेवा में आने से पहले तकनीकी शिक्षा हासिल कर चुके हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग और ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। उनकी नियुक्ति के साथ वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में वरिष्ठ स्तर पर एक नए अधिकारी की तैनाती हुई है।
काशी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। यहां काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाटों और प्रमुख मंदिरों में वर्षभर श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों का आवागमन बना रहता है। पर्व त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर राठौड़ की नियुक्ति के बाद उनकी भूमिका कमिश्नरेट की प्रशासनिक व्यवस्था और उन्हें आवंटित किए जाने वाले विभागों के अनुसार निर्धारित होगी। उनके विशिष्ट कार्यक्षेत्र और कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से संबंधित जानकारी आधिकारिक आदेशों के आधार पर स्पष्ट होगी।
2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं किरिट हरिभाई राठौड़
किरिट कुमार हरिभाई राठौड़ उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उपलब्ध आधिकारिक सेवा विवरण के अनुसार, उनकी भारतीय पुलिस सेवा में भर्ती 20 दिसंबर 2010 को हुई थी। उनका गृह स्थान गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में दर्ज है। वह एक जनवरी 2024 को पुलिस उपमहानिरीक्षक यानी डीआईजी रैंक पर पदोन्नत हुए थे। पुलिस सेवा में उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न पदों पर तैनाती रही है। इनमें जिला पुलिस प्रशासन से लेकर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी से संबंधित जिम्मेदारियां शामिल हैं।
राठौड़ की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके परिचय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीई और ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग में एमई की डिग्री हासिल की है। तकनीकी विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में कार्य किया और उत्तर प्रदेश पुलिस के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। हालांकि, उनकी शैक्षणिक योग्यता और किसी विशिष्ट पुलिस कार्यक्षेत्र के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने के लिए अलग से प्रमाणित जानकारी आवश्यक होगी।
पीलीभीत के एसपी से पीएसी सेक्टर तक का सफर
किरिट हरिभाई राठौड़ इससे पहले पीलीभीत जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रह चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मार्च 2021 में आईपीएस अधिकारियों के फेरबदल के दौरान उन्हें पीलीभीत का एसपी बनाया गया था। जिला पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके सेवाकाल में अन्य पदों पर भी तैनाती हुई। बाद में जुलाई 2023 में उन्हें लखनऊ में पीएसी की 35वीं वाहिनी का सेनानायक नियुक्त किया गया। उस समय वह पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक क्राइम के पद पर कार्यरत थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक सेवा विवरण के अनुसार, 30 जनवरी 2024 से उनकी तैनाती लखनऊ में डीआईजी पीएसी सेक्टर के पद पर दर्ज है। एक जनवरी 2024 को डीआईजी रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने इस स्तर की जिम्मेदारियां संभालीं। अब शासन के स्थानांतरण निर्णय के तहत उन्हें वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। उनके पिछले कार्यकाल और नई तैनाती से संबंधित जानकारी पुलिस प्रशासन में उनके सेवाक्रम को सामने लाती है।
पुलिस महानिदेशक की ओर से मिल चुकी हैं प्रशंसा डिस्क
उपलब्ध सेवा विवरण के अनुसार, किरिट हरिभाई राठौड़ को वर्ष 2023 में पुलिस महानिदेशक की ओर से सिल्वर और गोल्ड प्रशंसा डिस्क भी प्रदान की गई थीं। पुलिस विभाग में इस तरह के सम्मान अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी सेवाओं तथा निर्धारित मानदंडों के आधार पर दिए जाते हैं। हालांकि, इन दोनों प्रशंसा डिस्क के लिए उन्हें किस विशिष्ट कार्य या उपलब्धि के आधार पर सम्मानित किया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही उसका उल्लेख किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों की सेवा संबंधी उपलब्धियों और सम्मान का विवरण उनके पेशेवर कार्यकाल को समझने में सहायक होता है। राठौड़ के मामले में पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक से लेकर पीएसी सेक्टर में डीआईजी पद तक की तैनाती उनके सेवाक्रम के प्रमुख पड़ाव हैं। वाराणसी में उनकी नई जिम्मेदारी का स्वरूप अब कमिश्नरेट के प्रशासनिक ढांचे और विभागीय आवंटन के अनुसार तय होगा।
सितंबर 2025 में साइबर ठगी की कोशिश को लेकर आए थे चर्चा में
किरिट हरिभाई राठौड़ सितंबर 2025 में कथित साइबर ठगी की कोशिश से जुड़े एक मामले को लेकर भी चर्चा में आए थे। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, एक साइबर ठग ने उनके सरकारी सीयूजी नंबर पर फोन कर खुद को जम्मू कश्मीर के पहलगाम थाने का पुलिस अधिकारी बताया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर उनके नंबर से आतंकियों से बातचीत किए जाने का आरोप लगाकर उन्हें डराने की कोशिश की थी। राठौड़ ने इस कॉल को साइबर ठगी की कोशिश समझते हुए लखनऊ के महानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
इस घटना से संबंधित विवरण के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी होने का दावा करके दबाव बनाने की कोशिश की थी। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति की पहचान और उसके पद की पुष्टि किए बिना फोन पर किए गए दावों पर भरोसा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इस मामले में जांच के अंतिम निष्कर्ष और आरोपी की पहचान से संबंधित जानकारी उपलब्ध आधिकारिक विवरण के आधार पर ही स्पष्ट की जा सकती है।
वाराणसी में नई जिम्मेदारी पर रहेगी नजर
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त का पद वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा है। पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में अपर पुलिस आयुक्त को निर्धारित विभागों और क्षेत्रों के अनुसार कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन तथा अन्य संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। काशी में धार्मिक आयोजनों, प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण जैसे विषय पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
किरिट हरिभाई राठौड़ की नई तैनाती के बाद उनके कार्यक्षेत्र और विभागीय जिम्मेदारियों का वास्तविक स्वरूप आधिकारिक आवंटन से स्पष्ट होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह लखनऊ में डीआईजी पीएसी सेक्टर के पद पर कार्यरत थे और अब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। उनके कार्यभार ग्रहण करने और नई जिम्मेदारियों से संबंधित आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद उनकी भूमिका की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
LATEST NEWS