- महाशिवरात्रि से पूर्व काशी विश्वनाथ धाम में पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग, श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर करेंगे संबोधित
- श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने के निर्देश
- प्रवेश द्वारों पर हाथ जोड़कर अभिवादन
- धैर्य और संयम के साथ श्रद्धालुओं की काउंसलिंग
- मार्गदर्शन और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर बल
- सीसीटीवी से होगी सतत निगरानी
- संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता
- सेवा, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है वर्दी
महाशिवरात्रि से पूर्व काशी विश्वनाथ धाम में पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग, श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर करेंगे संबोधित
दिनांक 12-02-2026 को महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा परिसर स्थित त्र्यम्बकेश्वर हॉल में एक विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों को व्यवहार कुशलता, संवाद शैली और श्रद्धालु उन्मुख पुलिसिंग से संबंधित सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मीय अनुभव उपलब्ध कराना है।
श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने के निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी पुलिसकर्मी प्रत्येक श्रद्धालु को “सर” एवं “मैडम” कहकर सम्मानपूर्वक संबोधित करेंगे। इसका उद्देश्य संवाद को अधिक सौहार्दपूर्ण और गरिमामय बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण का अनुभव हो सके।
प्रवेश द्वारों पर हाथ जोड़कर अभिवादन
मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मियों को हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन और स्वागत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप पुलिस की संवेदनशील और सहयोगात्मक छवि को मजबूत करेगी।
धैर्य और संयम के साथ श्रद्धालुओं की काउंसलिंग
पुलिस आयुक्त ने कहा कि महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी यात्रा कर वाराणसी पहुंचते हैं। भीड़ और प्रतीक्षा के कारण कई बार लोग अधीर हो सकते हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में संयमित, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखना होगा। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं की काउंसलिंग कर उन्हें धैर्यपूर्वक समझाना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
मार्गदर्शन और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर बल
पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि यदि श्रद्धालु वाराणसी की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों या प्रमुख स्थलों के बारे में जानकारी पूछें तो उन्हें स्पष्ट और शालीन भाषा में मार्गदर्शन दिया जाए। इससे आगंतुकों का विश्वास बढ़ेगा और पुलिस-जन संवाद मजबूत होगा।
सीसीटीवी से होगी सतत निगरानी
मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। किसी भी प्रकार की अभद्रता या अनुचित आचरण पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता
वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजन और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए। ऐसे श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और प्राथमिकता के आधार पर मार्गदर्शन देने पर विशेष बल दिया गया।
सेवा, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है वर्दी
गोष्ठी में यह भी रेखांकित किया गया कि पुलिस की वर्दी केवल अनुशासन का प्रतीक नहीं है, बल्कि सेवा, सहयोग और विश्वास का दायित्व भी है। विनम्र आचरण और सकारात्मक संवाद के माध्यम से ही इस दायित्व को प्रभावी ढंग से निभाया जा सकता है।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और आत्मीय अनुभव प्रदान करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
