मेरठ के सुभाष नगर इलाके में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे डेयरी संचालक जितेंद्र कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव घर के बेडरूम में पंखे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई है।
मूल रूप से मुंडाली के निवासी जितेंद्र कुमार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाष नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह सिविल सर्विसेज की तैयारी के साथ साथ अपने पिता के साथ दूध की डेयरी का काम भी संभालते थे। शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी सोनम रोज की तरह काम पर गई थीं। कुछ देर बाद जब वह घर लौटीं और बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद पाया तो खिड़की से झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर वह घबरा गईं और शोर मचाया। परिवार के अन्य सदस्यों ने दरवाजा तोड़कर जितेंद्र को नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर सौरभ शुक्ला ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जितेंद्र की जेब से एक तीन पंक्तियों का सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में जितेंद्र ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि पत्नी और उसके माता पिता द्वारा परेशान किए जाने के कारण वह यह कदम उठा रहे हैं और अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगी है।
पुलिस के अनुसार जितेंद्र की शादी सोनम से हुई थी और उनका दो साल का एक बेटा भी है। पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य को लेकर वह लगातार प्रयासरत थे। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विवेचना की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर भी जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
