रामनगर पावर हाउस में गंदगी देख भड़के विधायक सौरभ श्रीवास्तव, खुद संभाली झाड़ू, सफाई अभियान बन गया चर्चा का विषय
वाराणसी: सोमवार को रामनगर स्थित किला रोड पावर हाउस परिसर में उस समय एक अलग ही दृश्य देखने को मिला जब कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था को देखकर अपनी नाराजगी जाहिर करने के साथ स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई शुरू कर दी। आमतौर पर जनप्रतिनिधि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हैं और व्यवस्थाओं में सुधार की अपेक्षा जताते हैं, लेकिन यहां विधायक ने सीधे मैदान में उतरकर सफाई अभियान का नेतृत्व किया। उनके इस कदम ने न केवल वहां मौजूद लोगों को चौंकाया बल्कि जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए।
निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्था
जानकारी के अनुसार विधायक सौरभ श्रीवास्तव क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों और जनसुविधाओं का जायजा लेने के लिए रामनगर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने किला रोड स्थित पावर हाउस परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर के कई हिस्सों में गंदगी फैली हुई दिखाई दी। जगह जगह कूड़े के ढेर पड़े थे और स्वच्छता व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आ रही थी। परिसर की स्थिति देखकर विधायक ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि सार्वजनिक महत्व के संस्थानों में साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर होना आवश्यक है।
विधायक ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की और परिसर की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने किसी प्रकार की औपचारिकता में समय न गंवाते हुए स्वयं झाड़ू उठाई और सफाई शुरू कर दी। उनके इस कदम ने वहां उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
कार्यकर्ताओं ने भी संभाला मोर्चा
विधायक को सफाई करते देख उनके साथ मौजूद भाजपा कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। संतोष द्विवेदी, सृजन श्रीवास्तव, रितेश राय, रितेश पाल गौतम, ऋषभ सिन्हा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सफाई अभियान में भाग लिया। कुछ ही समय में पूरा परिसर स्वच्छता अभियान का केंद्र बन गया और सभी लोग मिलकर सफाई कार्य में जुट गए।
स्थानीय लोगों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी किसी जनप्रतिनिधि को इस प्रकार स्वयं सफाई करते नहीं देखा। लोगों ने इसे जिम्मेदारी और जनभागीदारी का उदाहरण बताया। कई नागरिकों ने कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा दिया गया यह संदेश समाज के लिए प्रेरणादायक है क्योंकि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है।
कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल उन विभागों की जवाबदेही को लेकर उठ रहा है जिन पर परिसर की नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पावर हाउस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में गंदगी का यह हाल है तो नियमित निरीक्षण और सफाई व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
पावर हाउस परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करना संबंधित विद्युत विभाग की जिम्मेदारी मानी जाती है। वहीं नगर निगम के स्वच्छता तंत्र की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि सार्वजनिक परिसरों में साफ सफाई की स्थिति पर समय समय पर निगरानी रखी जाए। यदि लंबे समय से परिसर में गंदगी जमा थी तो यह केवल एक दिन की समस्या नहीं बल्कि व्यवस्था में मौजूद कमियों की ओर संकेत करती है।
स्थानीय लोगों ने मांगी जवाबदेही
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय यह भी रहा कि आखिर ऐसी स्थिति उत्पन्न कैसे हुई। लोगों का मानना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए और यदि किसी परिसर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है तो तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। कई लोगों ने कहा कि सफाई व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों से जवाब तलब किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे न केवल जवाबदेही तय होगी बल्कि अन्य विभागों को भी अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने का संदेश मिलेगा।
स्वच्छता को लेकर दिया महत्वपूर्ण संदेश
रामनगर पावर हाउस में हुआ यह घटनाक्रम केवल एक सफाई अभियान तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने स्वच्छता और जवाबदेही के मुद्दे को भी प्रमुखता से सामने ला दिया। विधायक सौरभ श्रीवास्तव द्वारा स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्था सुधारने का प्रयास करते हैं तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों की भागीदारी भी बढ़ती है।
रामनगर के किला रोड स्थित पावर हाउस में हुई यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार तंत्र को आईना दिखाने वाली घटना के रूप में देख रहे हैं। वहीं अब लोगों की नजर इस बात पर भी है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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