- मुजफ्फरनगर में मिलावटी तेल का भंडाफोड़, 15 हजार लीटर से अधिक खाद्य तेल सील, 17 ब्रांड के रैपर बरामद
- लखनऊ से मिले निर्देश पर की गई कार्रवाई
- प्रारंभिक जांच में आर्जीमोन और अरंडी तेल की मिलावट
- करीब 20 लाख रुपये का माल बरामद
- 17 ब्रांड के रैपर मिले, ब्रांड नाम का दुरुपयोग
- फैक्ट्री संचालक का पक्ष
- त्योहार से पहले बड़ा खतरा टला
मुजफ्फरनगर में मिलावटी तेल का भंडाफोड़, 15 हजार लीटर से अधिक खाद्य तेल सील, 17 ब्रांड के रैपर बरामद
मुजफ्फरनगर में त्योहार से ठीक पहले लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ किए जाने की साजिश का खुलासा हुआ है। सरसों और रिफाइंड राइस ब्रान आयल में खतरनाक मिलावट कर बाजार में सप्लाई की तैयारी की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सहारनपुर मंडल की टीम ने गांव वहलना स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर इस पूरे मामले का भंडाफोड़ किया है। मौके से 15 हजार लीटर से अधिक मिलावटी खाद्य तेल और 17 विभिन्न ब्रांड के रैपर बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।
लखनऊ से मिले निर्देश पर की गई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त रोशन जैकब के निर्देश पर शुक्रवार को सहारनपुर मंडल के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में टीम ने पुलिस बल के साथ गांव वहलना में स्थित काव्या ट्रेडिंग फैक्ट्री पर छापेमारी की। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत कुमार, अश्वनी पूनम और विशाल शामिल रहे।
छापेमारी के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री में सरसों तेल और राइस ब्रान रिफाइंड आयल की विभिन्न ब्रांड में पैकिंग की जा रही थी। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद मौके पर ही एफएसडब्ल्यू की वैन बुलाकर तेल की जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में आर्जीमोन और अरंडी तेल की मिलावट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि सरसों तेल में आर्जीमोन तेल और अरंडी का तेल मिलाया जा रहा था। आर्जीमोन का उपयोग सरसों तेल में पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
इसके अलावा तेल का रंग गाढ़ा दिखाने के लिए रंग को गर्म कर टैंक में मिलाया जा रहा था, ताकि सरसों तेल को प्राकृतिक और शुद्ध दिखाया जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि क्रूड रिफाइंड आयल को सस्ते दाम पर खरीदकर उसमें मिलावट कर पैकिंग की जा रही थी।
करीब 20 लाख रुपये का माल बरामद
फैक्ट्री से लगभग 15 हजार लीटर सरसों तेल, रिफाइंड आयल और राइस ब्रान आयल बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद सामग्री में 240 टिन रिफाइंड आयल, 50 टिन सुगंधा ब्रांड का सरसों तेल और 276 लीटर बादशाह ब्रांड का रिफाइंड राइस ब्रान आयल शामिल है।
इसके अलावा मौके से आठ नमूने लिए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
17 ब्रांड के रैपर मिले, ब्रांड नाम का दुरुपयोग
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के एक कमरे में बड़ी मात्रा में पैकिंग मैटीरियल और विभिन्न ब्रांड के रैपर बरामद किए गए। इनमें स्टार बादशाह, सुगंधा, पूजा, पवन हंस, कोल्हू किंग, सरस सहित कुल 17 ब्रांड के रैपर शामिल हैं। इनका उपयोग टिन और प्लास्टिक की बोतलों पर चिपकाकर मिलावटी तेल को ब्रांडेड उत्पाद के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था।
फैक्ट्री संचालक का पक्ष
काव्या ट्रेडिंग फैक्ट्री के संचालक विक्रांत मित्तल ने दावा किया है कि वे केवल ट्रेडिंग का कार्य करते हैं और यहां सरसों तेल तथा राइस ब्रान रिफाइंड आयल की पैकिंग कर दुकानदारों को सप्लाई की जाती है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार से पहले बड़ा खतरा टला
अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के समय खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी मात्रा में मिलावटी तेल बाजार में पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिया गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को संभावित नुकसान से बचाया जा सका।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे संदिग्ध उत्पादों की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
