जन जागरूकता ही सर्वोत्तम बचाव, दशाश्वमेध घाट पर एनडीआरएफ का जागरूकता कार्यक्रम
वाराणसी में आपदा प्रबंधन के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ वाराणसी द्वारा एक विशेष सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम काशी के प्राचीनतम और धार्मिक सांस्कृतिक रूप से प्रतिष्ठित दशाश्वमेध घाट पर आयोजित हुआ।
- जन जागरूकता ही सर्वोत्तम बचाव, दशाश्वमेध घाट पर एनडीआरएफ का जागरूकता कार्यक्रम
- एनडीआरएफ उप महानिरीक्षक के निर्देशन में हुआ आयोजन
- आपदा प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भूमिका
- जीवन रक्षक कौशल से सशक्त समाज का लक्ष्य
- एनडीआरएफ द्वारा वर्ष भर चलाए जाते हैं जागरूकता कार्यक्रम
- स्कूल और समुदाय स्तर पर क्षमता निर्माण
- जन सहयोग से ही संभव है आपदा में हानि को कम करना
एनडीआरएफ उप महानिरीक्षक के निर्देशन में हुआ आयोजन
दिनांक 10 फरवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन एनडीआरएफ उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना और उन्हें आपात स्थिति में जीवन रक्षक कौशल से सशक्त बनाना रहा।
आपदा प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले और सबसे अधिक प्रभावित स्थानीय समुदाय ही होता है। इसलिए प्रारंभिक आपात प्रतिक्रिया स्थानीय नागरिकों द्वारा ही दी जाती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति आपदा से निपटने के आवश्यक कौशल से परिचित हो तो जनहानि को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
जीवन रक्षक कौशल से सशक्त समाज का लक्ष्य
उन्होंने यह भी कहा कि एनडीआरएफ का प्रयास है कि समाज के प्रत्येक नागरिक के भीतर आपदा के समय उपयोगी जीवन रक्षक कौशल विकसित हो। एक जागरूक और प्रशिक्षित समाज ही आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकता है और नुकसान को न्यूनतम स्तर तक ला सकता है।
एनडीआरएफ द्वारा वर्ष भर चलाए जाते हैं जागरूकता कार्यक्रम
प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से सुरक्षा की तैयारी
यह उल्लेखनीय है कि एनडीआरएफ के बचाव कार्मिक वर्ष भर विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से जूझते हुए अमूल्य मानव जीवन की रक्षा करते हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ द्वारा समाज को आपदा के प्रति सक्षम बनाने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
स्कूल और समुदाय स्तर पर क्षमता निर्माण
माक अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम
एनडीआरएफ द्वारा स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम क्षमता निर्माण कार्यक्रम समुदाय जागरूकता कार्यक्रम तथा माक अभ्यास जैसे अभियानों के माध्यम से समाज और सभी हितधारकों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत किया जाता है। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक नागरिक स्वयं और दूसरों की सहायता कर सके।
जन सहयोग से ही संभव है आपदा में हानि को कम करना
एनडीआरएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन सहयोग और जागरूकता के बिना आपदा प्रबंधन को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को प्रशिक्षित कर एक सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
