विश्व वानिकी दिवस पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की कॉफी टेबल बुक का विमोचन
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस पुस्तक में टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवों की विविधता और पर्यटन संभावनाओं को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों का अद्भुत चित्रण
कॉफी टेबल बुक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ, भालू, हाथी, जंगलों, नदियों और जलाशयों के शानदार दृश्य शामिल किए गए हैं। यह पुस्तक न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए उपयोगी है, बल्कि यह पीटीआर को देश के अन्य टाइगर रिजर्व के मुकाबले एक अलग पहचान देने में भी सहायक साबित होगी।
देश-विदेश के फोटोग्राफरों का योगदान
इस पुस्तक को तैयार करने का निर्णय अप्रैल 2024 में डीएफओ मनीष सिंह द्वारा लिया गया था। वन विभाग की पहल और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के सहयोग से इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। इसमें देश और विदेश के 50 से अधिक फोटोग्राफरों ने योगदान दिया, जिन्होंने अपनी कैमरे की नजर से पीटीआर की खूबसूरती को जीवंत किया।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर भी फोकस
कॉफी टेबल बुक में सिर्फ प्राकृतिक दृश्य ही नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों, वन्यजीवों की संख्या, मानव-वन्यजीव संघर्ष और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के प्रयासों को भी विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही नदियों और झीलों की मनमोहक छवियां भी इसमें शामिल हैं।
नवंबर 2025 में तैयार हुई पुस्तक
यह कॉफी टेबल बुक नवंबर 2025 में तैयार होकर प्रकाशित हुई थी। इसके प्रिंट का पूरा कार्य एमथ्रीएम फाउंडेशन द्वारा कराया गया। पुस्तक का विमोचन अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर किया जाना विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने बताए पुस्तक के उद्देश्य
विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस कॉफी टेबल बुक को जनप्रतिनिधियों, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सुंदरता और महत्व को पहुंचाना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर वन मंत्री डॉ अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री केपी मलिक, मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकार अवनीश अवस्थी, वन विभाग के विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराधा वेमुरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा 17 राज्यों के वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह और सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार डीके सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कॉफी टेबल बुक न केवल प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद करती है, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम देती है। इससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
यह पहल वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और स्थानीय विकास को एक साथ जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
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