प्रयागराज में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवा की तैयारी तेज, राजापुर वर्कशॉप में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण शुरू
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रयागराज में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसों के संचालन के लिए राजापुर स्थित लीडर रोड वर्कशॉप में अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होते ही प्रयागराज से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और अयोध्या के बीच इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो जाएगी।
चार्जिंग स्टेशन निर्माण कार्य शुरू
राजापुर वर्कशॉप के पश्चिमी हिस्से में इस चार्जिंग स्टेशन को विकसित किया जा रहा है, जहां एक साथ सात चार्जिंग मशीनें कार्य करेंगी। इन मशीनों के माध्यम से कुल 33 इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल माह तक इस चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
इंटरसिटी कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसों का उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और प्रदूषण रहित यात्रा सुविधा प्रदान करना है। प्रयागराज से जिन शहरों के लिए यह सेवा शुरू की जाएगी, उनमें शामिल हैं:
• लखनऊ
• कानपुर
• वाराणसी
• अयोध्या
इन रूट्स पर पहले ही संचालन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे यात्रियों को बेहतर और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा।
आरजी मोबिलिटी के साथ अनुबंध
इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए रोडवेज ने आरजी मोबिलिटी कंपनी के साथ अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत कुल 33 बसें चलाई जाएंगी। अब तक 17 बसें प्रयागराज पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष 16 बसें जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है।
बसों का निर्माण भी इसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। संचालन के साथ-साथ बसों का रखरखाव, चार्जिंग और चालक की व्यवस्था भी कंपनी ही करेगी, जबकि परिचालक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के होंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
इन इलेक्ट्रिक बसों को आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बसों में कई उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
• सीसीटीवी कैमरों से निगरानी व्यवस्था
• आरामदायक सीटिंग सिस्टम
• कम शोर और कंपन वाली यात्रा
• पर्यावरण अनुकूल तकनीक
• बेहतर सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम
इन सुविधाओं के चलते यात्रियों को एक सुरक्षित और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा।
आर्थिक मॉडल और लाभ
इस परियोजना के तहत लगभग 2.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को आय प्राप्त होगी। इस आय का उपयोग परिचालकों के वेतन, वर्कशॉप में रखरखाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किया जाएगा।
रोडवेज द्वारा चार्जिंग स्टेशन और बसों के पार्किंग स्थल के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है, जिससे संचालन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। डीजल और पेट्रोल आधारित बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें न केवल कम प्रदूषण फैलाती हैं, बल्कि संचालन लागत भी कम होती है।
इस पहल से सरकार के हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
यात्रियों को मिलेगा आधुनिक और सस्ता विकल्प
इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को कम लागत में बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित होगी। खासतौर पर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी।
निष्कर्ष
प्रयागराज में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण और इंटरसिटी सेवा की शुरुआत उत्तर प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। यह पहल न केवल आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुविधा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश के अन्य शहरों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
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