प्रयागराज में नकली नोटों का बड़ा खुलासा, सपा नेता का नाम आया सामने, चार गिरफ्तार
प्रयागराज। जिले में नकली नोटों के संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। इस मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े एक नेता का नाम सामने आने से मामला और भी संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी सपा नेता विवेक यादव समेत दो लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से नकली नोटों की छपाई और सप्लाई का काम कर रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1 लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
देवरिया में चल रही थी नकली नोटों की फैक्ट्री
डीसीपी गंगानगर कुलदीप गुनावत ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार से पूछताछ के दौरान अहम खुलासा हुआ। उसने बताया कि गिरोह का संचालन देवरिया जनपद में किया जा रहा था, जहां एक कमरे में नकली नोटों की फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
धर्मेन्द्र कुमार पहले भी इसी प्रकार के अपराध में जेल जा चुका है और रामपुर करखाना क्षेत्र से उसका आपराधिक संबंध रहा है।
सपा नेता विवेक यादव गिरोह का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का संचालन सपा नेता विवेक यादव पुत्र अवध बिहारी यादव, निवासी गौरी खुर्द थाना गौरी बाजार जनपद देवरिया के निर्देशन में किया जा रहा था।
गिरोह के सदस्य राहुल यादव और विवेक कुमार लोगों से संपर्क साधते थे, जबकि धर्मेन्द्र कुमार और अन्य साथी मिलकर नकली नोटों की छपाई करते थे। इसके बाद इन नोटों को बाजार में खपाने की योजना बनाई जाती थी।
पुलिस के अनुसार, विवेक यादव जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है और आगामी समय में विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था।
ग्रामीण बाजारों में खपाए जा रहे थे नकली नोट
गिरोह नकली नोटों को सीधे बड़े बाजारों में चलाने के बजाय ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे लेनदेन के माध्यम से खपाता था। 100 और 500 रुपये के नकली नोटों को धीरे-धीरे बाजार में फैलाने की रणनीति अपनाई गई थी, जिससे आसानी से पकड़े जाने का खतरा कम हो।
पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस गिरोह का खुलासा नहीं होता, तो यह नेटवर्क और बड़ा रूप ले सकता था और आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
1. राहुल यादव पुत्र राजकुमार यादव, निवासी सरायकंसराय थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही, उम्र करीब 28 वर्ष।
2. विवेक कुमार यादव पुत्र राकेश यादव, निवासी गोकलपट्टी थाना सुरियावां, जनपद भदोही, उम्र करीब 26 वर्ष।
3. नरेन्द्र यादव उर्फ विराट पुत्र रामजी यादव, निवासी बैतालपुर थाना गौरीबाजार, जनपद देवरिया, उम्र करीब 26 वर्ष।
4. धर्मेन्द्र कुमार पुत्र राजाराम प्रसाद, निवासी ग्राम महाराजगंज थाना रुद्रपुर, जनपद देवरिया, उम्र करीब 22 वर्ष।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
मुख्य आरोपी विवेक यादव सहित दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं और देवरिया पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
आर्थिक अपराधों पर सख्ती जारी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकली नोटों के कारोबार जैसे आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है और किसी भी संदिग्ध नोट या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि पुलिस आर्थिक अपराधों पर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
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