प्रयागराज माघ मेले में आस्था की यात्रा पर निकले एक वृद्ध श्रद्धालु की दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। औरैया जनपद के दिबियापुर निवासी 75 वर्षीय मिजाजी लाल की ठंड लगने से मौत हो गई। वह अपने साथियों के साथ संगम में स्नान करने और गंगा मैया से परिवार की खुशहाली की कामना लेकर तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे थे। घर से निकलते समय उनके मन में यही भाव था कि पवित्र संगम में डुबकी लगाकर वह ईश्वर से सुख समृद्धि की प्रार्थना करेंगे। उन्हें क्या पता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की अंतिम यात्रा बन जाएगी।
बताया जाता है कि मिजाजी लाल अपने साथियों के साथ माघ मेले में आए थे, लेकिन भीड़ और विशाल मेला क्षेत्र के कारण वह उनसे बिछड़ गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह अपने साथियों से नहीं मिल सके तो उन्होंने मेला क्षेत्र में ही रुकने का फैसला किया। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच वह कंबल ओढ़कर खुले में ही सो गए। रात के दौरान तापमान और गिर गया और अत्यधिक ठंड के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। सर्द रात में अकेले पड़े रहने के कारण उन्हें समय पर कोई मदद नहीं मिल सकी और इसी दौरान उनकी मौत हो गई।
सुबह जब काफी देर तक एक व्यक्ति को कंबल ओढ़े उसी अवस्था में पड़ा देखा गया तो आसपास के लोगों को शक हुआ। लोगों ने पास जाकर देखा लेकिन कोई हलचल नहीं होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कंबल हटाकर देखा तो वृद्ध अचेत अवस्था में थे। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनके पास से मिले पहचान पत्र के आधार पर उनकी शिनाख्त मिजाजी लाल निवासी दिबियापुर जनपद औरैया के रूप में की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में ठंड लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। कीडगंज पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह अपने साथियों से कैसे और कब बिछड़े तथा घटना के समय वह किन परिस्थितियों में मेला क्षेत्र में अकेले थे।
इस घटना ने माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष देश के कोने कोने से लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों की भी होती है। खुले में रुकने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने की स्थिति में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन जाती हैं। मिजाजी लाल की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं मेला क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी शोक की लहर है।
