राज्यसभा चुनाव में NDA का दबदबा, बिहार और ओडिशा में 8 सीटों पर जीत, हरियाणा में मतों पर विवाद से काउंटिंग रुकी
नई दिल्ली: सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हुआ। इन सीटों पर कुल 14 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। मतदान के बाद वोटों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें बिहार और ओडिशा की सभी सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं, जबकि हरियाणा में दो विधायकों के मतों को लेकर उठे विवाद के कारण मतगणना प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। तीन राज्यों के इस महत्वपूर्ण चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने घोषित परिणामों में 8 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक मजबूती का प्रदर्शन किया है।
बिहार की पांचों सीटों पर परिणाम घोषित
बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 44 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भी 44 वोट मिले और वे भी विजयी घोषित किए गए। जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार रामनाथ ठाकुर को 42 मत प्राप्त हुए और उन्होंने भी जीत दर्ज की। राष्ट्रीय लोक समता मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को भी 42 वोट मिले, जिससे वे भी राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे।
इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार शिवेश राम को शुरुआती गणना में 30 वोट मिले थे, जिससे उनकी स्थिति कमजोर मानी जा रही थी। हालांकि दूसरी वरीयता के मतों की गणना के बाद समीकरण बदल गए। दूसरी वरीयता के आधार पर उन्हें कुल 37 वोट मिले और उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार एडी सिंह को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल कर ली। इस परिणाम ने बिहार की राजनीति में एनडीए की रणनीतिक बढ़त को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।
ओडिशा में भी भाजपा और सहयोगियों की बढ़त
उधर ओडिशा में चार सीटों के लिए हुए चुनाव में भी दिलचस्प परिणाम सामने आए हैं। यहां भारतीय जनता पार्टी के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने जीत दर्ज की। इसके अलावा एनडीए समर्थित उम्मीदवार दिलीप रे भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। चौथी सीट पर बीजू जनता दल के उम्मीदवार संतरूप मिश्रा ने जीत हासिल की।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्यसभा चुनाव में मिली सफलता पर भाजपा उम्मीदवारों मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को बधाई दी और इसे राज्य के लिए सकारात्मक राजनीतिक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम प्रदेश में विकास और स्थिर राजनीति के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।
हरियाणा में मतों को लेकर विवाद, मतगणना स्थगित
इधर हरियाणा में स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। यहां राज्यसभा की सीटों के लिए मतगणना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे शुरू होनी थी, लेकिन दो कांग्रेस विधायकों के मतों को लेकर उठे विवाद के कारण पूरी प्रक्रिया रोक दी गई। बताया जा रहा है कि इन मतों की वैधता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसके बाद चुनाव अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट होने तक मतगणना स्थगित करने का निर्णय लिया।
शाम 5 बजे से शुरू होने वाली काउंटिंग निर्धारित समय के करीब साढ़े चार घंटे बाद भी शुरू नहीं हो पाई, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
राष्ट्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत
राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों को राष्ट्रीय राजनीति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार और ओडिशा में एनडीए की बढ़त ने केंद्र की सियासत में गठबंधन की ताकत को और मजबूत किया है। वहीं हरियाणा में जारी विवाद के कारण सबकी नजरें अब वहां की मतगणना प्रक्रिया और अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में संसद के उच्च सदन में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल बिहार और ओडिशा के परिणामों ने संकेत दिया है कि एनडीए गठबंधन अपनी रणनीति और संगठनात्मक ताकत के बल पर मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जबकि हरियाणा का फैसला आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
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