रामनगर किला मार्ग पर प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान सड़क और फुटपाथ कराए गए खाली
वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण रामनगर चौक से किला मार्ग पर शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। एसीपी कोतवाली विजय कुमार सिंह और रामनगर थानाध्यक्ष दुर्गा सिंह के नेतृत्व में चले इस अभियान के दौरान सड़क किनारे और पटरियों पर लंबे समय से जमे अवैध कब्जों को हटवाया गया। अचानक शुरू हुए इस अभियान से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया और सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाकर बैठे लोगों में अफरा तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुबह से शुरू हुए इस विशेष अभियान में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने रामनगर किला मार्ग के दोनों किनारों का निरीक्षण किया। जहां भी सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण पाया गया उसे तत्काल हटवा दिया गया। कई स्थानों पर ठेले खोमचे और टीन के अस्थायी ढांचे सड़क तक फैल गए थे जिससे मार्ग की चौड़ाई काफी कम हो गई थी और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में यदि दोबारा सड़क या फुटपाथ पर कब्जा किया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है।
महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के कारण बढ़ी थी समस्या
रामनगर किला मार्ग केवल स्थानीय लोगों के आवागमन का रास्ता नहीं है बल्कि यह वाराणसी शहर को रामनगर से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। यह मार्ग सामनेघाट पुल से होकर गुजरता है और आगे चलकर बिहार सोनभद्र और मिर्जापुर समेत कई जिलों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य रास्ता बनता है। प्रतिदिन हजारों वाहन यात्री बसें और मालवाहक गाड़ियां इसी मार्ग से होकर गुजरती हैं। ऐसे में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण और जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी।
पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को होती थी दिक्कत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे फैली अवैध दुकानों और ठेलों के कारण फुटपाथ लगभग समाप्त हो चुके थे। इससे पैदल चलने वाले लोगों को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ता था जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता था। वहीं सड़क संकरी हो जाने के कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता था और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार स्कूल बसों और सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को भी इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई होती थी।
आपातकालीन सेवाओं को भी होती थी परेशानी
अतिक्रमण और जाम की वजह से सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन सेवाओं को होती थी। वाराणसी और आसपास के जिलों से मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस सामनेघाट पुल से होकर इसी मार्ग से शहर के बड़े अस्पतालों तक पहुंचती हैं। लेकिन सड़क किनारे अतिक्रमण और भीड़ के कारण कई बार एंबुलेंस भी बीच रास्ते में फंस जाती थीं जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी।
अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान एसीपी कोतवाली विजय कुमार सिंह ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम नागरिकों की सुविधा के लिए अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि रामनगर किला मार्ग की महत्वता को देखते हुए यहां विशेष निगरानी रखी जाएगी और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से इस मार्ग पर जाम और अवैध अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सड़क और पटरियों को खाली करा दिया गया है और आगे भी नियमित गश्त और निगरानी की जाएगी ताकि दोबारा कोई अवैध कब्जा न हो सके।
अभियान के बाद यातायात हुआ सुचारु
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद रामनगर किला मार्ग पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु नजर आया। सड़क के दोनों किनारे खाली होने से वाहनों की आवाजाही आसान हुई और पैदल चलने वालों को भी राहत मिली। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यदि इसी तरह नियमित रूप से अभियान चलता रहा तो यह महत्वपूर्ण मार्ग स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त हो सकेगा और वाराणसी तथा आसपास के जिलों के हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
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