रामनगर की रामलीला के पंचम दिवस धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद का मंचन
रामनगर (वाराणसी): धर्म और आस्था की नगरी काशी के रामनगर में विश्वप्रसिद्ध श्रीरामनगर की रामलीला के पंचम दिवस मंगलवार 29 सितंबर 2026 को धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद और आरती की लीला का पारंपरिक मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम की लीलाओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने के प्रसंग के दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद महर्षि परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए ओजपूर्ण संवाद ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रामलीला के दौरान श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा में सराबोर नजर आए।
श्रीराम के धनुष भंग करते ही गूंजे जय श्रीराम के जयकारे
रामलीला में जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। इस प्रसंग में भगवान श्रीराम द्वारा भगवान शिव के धनुष को भंग करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। धनुष टूटते ही रामलीला स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस प्रसंग के माध्यम से रामायण की उस महत्वपूर्ण घटना को पारंपरिक शैली में जीवंत किया गया, जिसमें माता सीता के स्वयंवर के दौरान भगवान श्रीराम शिव धनुष को उठाकर भंग करते हैं। धनुष भंग की लीला के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
परशुराम और लक्ष्मण के संवाद ने दर्शकों को किया भावविभोर
धनुष भंग के बाद रामलीला में महर्षि परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का मंचन किया गया। इस प्रसंग में दोनों पात्रों के बीच तीखे और ओजपूर्ण संवादों के माध्यम से रामायण की महत्वपूर्ण घटना को प्रस्तुत किया गया। लक्ष्मण के प्रत्युत्तर और परशुराम के क्रोध से जुड़े प्रसंग ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रामलीला की पारंपरिक अभिनय शैली और संवादों ने श्रद्धालुओं को रामायण के प्रसंगों से जोड़े रखा। मंचन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और दर्शक लीला का आनंद लेते नजर आए।
आरती के साथ संपन्न हुई पंचम दिवस की लीला
धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद की लीला के समापन के बाद प्रभु श्रीराम की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान श्रीराम के दर्शन किए और आस्था के साथ पूजा अर्चना की। रामलीला के इस पावन अवसर पर उपस्थित लोगों ने भक्ति भाव से आरती में सहभागिता की। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिला।
रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला काशी की सांस्कृतिक पहचान
रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली इस रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का पारंपरिक तरीके से मंचन किया जाता है। रामलीला के दौरान श्रद्धालु अलग अलग स्थानों पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीलाओं का दर्शन करते हैं। रामनगर की रामलीला अपनी परंपरागत प्रस्तुति और धार्मिक महत्व के कारण स्थानीय लोगों के साथ दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का केंद्र बनी हुई है।
जय श्रीराम के जयकारों के साथ गूंजा रामनगर
श्रीरामनगर की रामलीला के पंचम दिवस धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद के मंचन ने श्रद्धालुओं को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से जोड़ा। भगवान श्रीराम के धनुष भंग के दृश्य से लेकर परशुराम और लक्ष्मण के संवाद तथा आरती तक पूरे आयोजन में भक्ति का वातावरण बना रहा। रामलीला के समापन पर श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
बोलिए राजा रामचंद्र जी की जय।
सियावर रामचंद्र की जय।
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