वेंडिंग जोन और आजीविका सुरक्षा को लेकर नगर निगम मुख्यालय पर स्ट्रीट वेंडरों का प्रदर्शन
वाराणसी। शहर में पर्याप्त वेंडिंग जोन की मांग, नाइट मार्केट को आबाद करने और पटरी व्यवसायियों की आजीविका से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर जुटे महिला और पुरुष पटरी व्यवसायियों ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान वेंडरों ने रोजगार और कारोबार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया और उनकी ओर से रखी गई समस्याओं को बिंदुवार सुना।
नगर आयुक्त को सौंपा गया ज्ञापन
महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका और रोजगार से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दे रखे गए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बड़ी संख्या में परिवारों की रोजी रोटी ठेला पटरी कारोबार पर निर्भर है। ऐसे में वेंडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ पात्र स्ट्रीट वेंडरों को कारोबार के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है।
चौकाघाट लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने नाइट मार्केट को आबाद करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने चौकाघाट लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे तैयार किए गए नाइट मार्केट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। महासंघ की ओर से दावा किया गया कि इस परिसर के निर्माण पर लगभग दस करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि नाइट मार्केट को वास्तविक और पात्र स्ट्रीट वेंडरों को नियमानुसार आवंटित किया जाए और इसे जल्द संचालित कराया जाए। महासंघ का कहना है कि इससे एक ओर तैयार बुनियादी ढांचे का उपयोग हो सकेगा और दूसरी ओर जरूरतमंद पटरी व्यवसायियों को कारोबार के लिए स्थान मिल सकेगा।
स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की जांच की मांग
हवेलिया तिराहा स्थित वेंडिंग जोन को हटाकर बनाए गए नए स्ट्रीट फूड हब के आवंटन को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए। महासंघ ने आरोप लगाया कि आवंटन प्रक्रिया में वास्तविक पात्र पटरी व्यवसायियों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को दुकानें दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही वेंडिंग जोन को मूल स्वरूप में विकसित करने की मांग भी रखी गई।
दशाश्वमेध क्षेत्र के पारंपरिक दुकानदारों का मुद्दा उठा
प्रतिनिधिमंडल ने दशाश्वमेध क्षेत्र में वर्षों से कारोबार कर रहे पारंपरिक पटरी व्यवसायियों से जुड़ा मुद्दा भी नगर आयुक्त के सामने रखा। महासंघ की ओर से मांग की गई कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में लंबे समय से कारोबार कर रहे पात्र स्ट्रीट वेंडरों को कानून और निर्धारित नियमों के दायरे में कारोबार करने की व्यवस्था दी जाए। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कार्रवाई और अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान कथित उत्पीड़न की शिकायत भी रखी और प्रशासनिक तथा पुलिस स्तर पर समन्वय की मांग की।
हर वार्ड में कम से कम दो वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग
महासंघ ने वाराणसी नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक वार्ड में कम से कम दो नए वेंडिंग जोन चिन्हित कर विकसित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि शहर में व्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में स्थान उपलब्ध होना जरूरी है। यदि निर्धारित स्थानों पर कारोबार की सुविधा मिलती है तो स्ट्रीट वेंडरों के साथ आम नागरिकों के लिए भी बाजार व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है।
9 अक्टूबर को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक
प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि व्यावहारिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आगामी 9 अक्टूबर को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाने का निर्देश दिया। बैठक में स्ट्रीट वेंडरों की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों पर चर्चा कर आगे की प्रक्रिया तय किए जाने की बात कही गई। पुलिस कार्रवाई और अतिक्रमण विरोधी अभियानों से जुड़े विषयों पर नगर आयुक्त ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर समन्वय स्थापित करने की बात भी कही।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वार्ता के बाद महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम ने कहा कि काशी में हजारों परिवारों की आजीविका ठेला पटरी कारोबार से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में वेंडरों की मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया जा सकता है। महासंघ की ओर से कहा गया कि उनका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों के लिए व्यवस्थित और वैधानिक रोजगार व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत अधिकारों का हवाला
प्रदर्शन के दौरान मौजूद अधिवक्ता शशांक श्रीवास्तव ने स्ट्रीट वेंडर्स प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के तहत स्ट्रीट वेंडरों के लिए आजीविका और वेंडिंग व्यवस्था से संबंधित प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का जमीन पर प्रभावी तरीके से पालन होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने वेंडरों के अधिकारों और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी।
बड़ी संख्या में महिला और पुरुष वेंडर रहे मौजूद
नगर निगम मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन में अधिवक्ता ऋतुराज श्रीवास्तव, गोपाल सिंह, अश्वनी गुप्ता, डॉ शम्मी कुमार सिंह, प्रेमचंद्र पांडेय, शीला देवी, सुरेंद्र यादव, लक्ष्मण राय, प्रकाश सोनकर, मनोज जायसवाल, कुंती देवी और मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पटरी व्यवसायी मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल और नगर आयुक्त के बीच हुई वार्ता में वेंडिंग जोन, नाइट मार्केट, स्ट्रीट फूड हब, दशाश्वमेध क्षेत्र में कारोबार और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
अब 9 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजर
नगर निगम मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन के बाद अब स्ट्रीट वेंडरों की नजर 9 अक्टूबर को प्रस्तावित टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक पर है। बैठक में वेंडिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। प्रदर्शनकारियों की ओर से नाइट मार्केट को संचालित करने, वेंडिंग जोन बढ़ाने, स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की जांच और पारंपरिक पटरी व्यवसायियों की समस्याओं के समाधान सहित विभिन्न मांगें रखी गई हैं। इन मांगों पर बैठक में होने वाली चर्चा के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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