रामनगर के अयोध्या मैदान में लग रहे समर फेस्टिवल मेले से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, जाम और अव्यवस्था से त्रस्त हुए लोग
वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में किला रोड स्थित अयोध्या मैदान में पिछले लगभग एक महीने से चल रहे समर फेस्टिवल मेले को लेकर स्थानीय नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिने जाने वाले इस रास्ते पर प्रतिदिन लगने वाले लंबे जाम ने यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। मेले में आने वाले लोगों द्वारा सड़क किनारे और मुख्य मार्ग पर दो पहिया तथा चार पहिया वाहनों को अनियंत्रित ढंग से खड़ा किए जाने के कारण आवागमन बाधित हो रहा है। स्थिति यह है कि दिन के साथ साथ शाम के समय भी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और राहगीरों को घंटों तक जाम में फंसे रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सैकड़ों वाहनों के चालान के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार अब तक सैकड़ों दो पहिया वाहनों का चालान किया जा चुका है। इसके बावजूद अवैध पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़े करने की समस्या समाप्त नहीं हो सकी है। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस को प्रतिदिन जाम हटाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। कई बार पुलिसकर्मियों को स्वयं सड़क पर उतरकर वाहनों को हटवाना पड़ता है ताकि यातायात सामान्य हो सके।
पुलिस और नगर निगम ने फिर दी मेले को बंद करने की चेतावनी
गुरुवार की शाम जाम की सूचना मिलने पर यातायात विभाग के अधिकारी, रामनगर कस्बा चौकी प्रभारी शिवम सोनी तथा नगर निगम जोनल कार्यालय रामनगर के कर्मचारी अयोध्या मैदान पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मेला संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि जाम और अव्यवस्था की स्थिति समाप्त नहीं हुई तो मेले को बंद कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए रामनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा ने पिछले सप्ताह शनिवार को मेले को बंद करा दिया था। हालांकि कुछ दिनों बाद पुनः मेला शुरू हो गया और उसके बाद एक बार फिर क्षेत्र में जाम की समस्या पहले जैसी स्थिति में लौट आई। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बीएचयू ट्रामा सेंटर जाने वाले मरीज भी हो रहे प्रभावित
किला रोड केवल स्थानीय यातायात का मार्ग नहीं है बल्कि यह वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। इसी रास्ते से होकर बड़ी संख्या में लोग बीएचयू ट्रामा सेंटर सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचते हैं। जाम की वजह से कई बार एंबुलेंस तक प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी आपातकालीन मार्ग पर इस प्रकार की स्थिति जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर विषय मानी जाती है।
पार्किंग व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न पार्किंग व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है वहां पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के बिना इस प्रकार के बड़े आयोजन की अनुमति कैसे दी गई। यदि आयोजन स्थल के भीतर या आसपास व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था होती तो सड़क पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता था। वर्तमान स्थिति में अधिकांश वाहन मुख्य सड़क और आसपास के मार्गों पर खड़े किए जा रहे हैं जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
रात तक बज रहे तेज ध्वनि वाले साउंड सिस्टम से भी लोग परेशान
यातायात समस्या के साथ साथ स्थानीय लोगों ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि मेले में देर रात तक अत्यधिक तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम चलाए जाते हैं जिससे बच्चों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि देर रात तक चलने वाले तेज संगीत के कारण क्षेत्र का सामान्य वातावरण प्रभावित हो रहा है और लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने पहले भी की थी शिकायत
क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार इस संबंध में पूर्व में वाराणसी पुलिस कमिश्नर से भी शिकायत की जा चुकी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुविधा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि किसी भी आयोजन का उद्देश्य लोगों का मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता होना चाहिए, लेकिन यदि उसी आयोजन के कारण आम जनता को प्रतिदिन जाम, अव्यवस्था और असुविधा का सामना करना पड़े तो संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा आवश्यक हो जाती है।
जनसुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बना मामला
रामनगर के अयोध्या मैदान में चल रहे समर फेस्टिवल को लेकर अब मामला केवल एक मेले तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह जनसुविधा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ गया है। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग स्थिति का गंभीरता से मूल्यांकन करें और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे मनोरंजन गतिविधियां भी संचालित होती रहें तथा आम नागरिकों के दैनिक जीवन और आपातकालीन सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। फिलहाल क्षेत्र के लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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