रामनगर में ऐतिहासिक रासलीला का आज होगा शुभारंभ, काशी की धरती पर सजेगा ब्रजधाम
वाराणसी: रामनगर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी ऐतिहासिक रासलीला का शुभारंभ शुक्रवार से होगा। पीएन कॉलेज के सामने स्थित बाऊ साहब के बगीचे में 15 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का पारंपरिक शैली में मंचन किया जाएगा। रासलीला को लेकर रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। आयोजन स्थल पर मंचन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
बाऊ साहब के बगीचे में तैयारियां पूरी
रासलीला के शुभारंभ से एक दिन पहले गुरुवार को आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने बाऊ साहब के बगीचे का निरीक्षण किया। इस दौरान मंचन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। मंच, प्रकाश व्यवस्था और दर्शकों के बैठने सहित अन्य जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। रास मंडली के कलाकारों और सदस्यों के ठहरने तथा उनकी आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया गया है।
मथुरा और वृंदावन से पहुंची रास मंडली
रासलीला के मंचन के लिए मथुरा और वृंदावन से रास मंडली रामनगर पहुंच चुकी है। मंडली के कलाकार अगले 15 दिनों तक भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के साथ राधा कृष्ण के भक्ति और प्रेम प्रसंगों तथा विभिन्न धार्मिक और पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत करेंगे। पारंपरिक शैली में होने वाले इस मंचन को देखने के लिए रामनगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन के दौरान बाऊ साहब का बगीचा धार्मिक और भक्तिमय वातावरण में नजर आएगा।
रासलीला से पहले काशीराज परिवार की ओर से ब्राह्मण भोज
रासलीला के शुभारंभ से पूर्व बाऊ साहब के बगीचे में काशीराज परिवार की ओर से मथुरा के चौबे ब्राह्मणों के लिए विशेष ब्राह्मण भोज का आयोजन किया जाएगा। काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह की ओर से आयोजित होने वाला यह भोज रासलीला से जुड़ी पुरानी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्राह्मण भोज का आयोजन मथुरा वृंदावन के नंदलाल देवकीनंदन चौबे के नेतृत्व में होगा। वह अपने परिवार के साथ रामनगर पहुंच चुके हैं। आयोजन स्थल पर भोज से जुड़ी तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं।
धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक पहचान भी
रामनगर की रासलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से भी गहराई से जुड़ी हुई है। हर वर्ष होने वाले इस आयोजन के दौरान बाऊ साहब का बगीचा भक्तिमय वातावरण में बदल जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के मंचन के साथ राधा कृष्ण के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है। पारंपरिक स्वरूप में होने वाली रासलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं।
15 दिनों तक चलेगा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
15 दिनों तक चलने वाली इस रासलीला को लेकर रामनगर-वासियों में विशेष उत्साह है। मथुरा और वृंदावन से पहुंचे कलाकारों की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली कृष्ण लीलाएं आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। धार्मिक आस्था, पारंपरिक मंचन और रामनगर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का यह संगम एक बार फिर बाऊ साहब के बगीचे में देखने को मिलेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी होने के बाद अब श्रद्धालुओं को रासलीला के शुभारंभ का इंतजार है।
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