हरियाणा के रेवाड़ी शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल सर्कुलर रोड पर एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। बावल चौक से धारूहेड़ा चुंगी तक लगभग एक दशमलव दो सात किलोमीटर लंबी सड़क को सीमेंट कंक्रीट से बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब दो दशमलव पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी और प्रशासन का दावा है कि निर्माण कार्य दो महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। सड़क की दूसरी लेन पर यह काम शुरू होने से क्षेत्र में यातायात को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रशासन के अनुसार सड़क पर करीब एक फुट गहरी सीमेंट कंक्रीट की परत डाली जाएगी जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन बढ़ेगा। इससे पहले इस सड़क की एक लेन जो बावल चौक से धारूहेड़ा चुंगी की ओर जाती है लंबे समय से खराब हालत में थी और उसका पुनर्निर्माण जनवरी दो हजार पच्चीस में पूरा किया गया था। अब दूसरी लेन पर कार्य शुरू होने के साथ ही दोनों ओर की सड़क को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। पहले से बनी लेन में जहां भी गड्ढे या अन्य खामियां सामने आई हैं उन्हें भी भरकर मरम्मत की जाएगी।
निर्माण कार्य के दौरान जनता को कम से कम परेशानी हो इसके लिए सड़क को अलग अलग हिस्सों में बनाया जा रहा है। इस दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वन वे सिस्टम लागू किया गया है। प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर एडवाइजरी जारी की है ताकि वाहन चालकों को पहले से वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके और जाम की स्थिति न बने।
डायवर्जन योजना के तहत अंबेडकर चौक से आने वाले वाहनों को शिव चौक होते हुए महाराणा प्रताप चौक की ओर मोड़ा जाएगा। जब अंबेडकर चौक तक के हिस्से में निर्माण कार्य शुरू होगा तब सड़क वन वे रहेगी और लियो चौक तथा दिल्ली रोड से आने वाले वाहनों को गढ़ी बोलनी रोड के रास्ते शिव चौक की ओर भेजा जाएगा। इसी तरह जब अंबेडकर चौक से लियो चौक तक काम चलेगा तब धारूहेड़ा चुंगी की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कोसीवास रोड से डायवर्ट किया जाएगा।
अंतिम चरण में जब लियो चौक से धारूहेड़ा चुंगी तक सड़क निर्माण किया जाएगा तब दिल्ली रोड और नारनौल की ओर से बावल चौक की दिशा में आने वाले वाहनों को सिविल अस्पताल और रेलवे स्टेशन होते हुए नईवाली की ओर मोड़ा जाएगा। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे तय किए गए डायवर्जन का पालन करें और अनावश्यक रूप से निर्माण स्थल के पास न रुकें।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि तय समय सीमा के भीतर सड़क को पूरा किया जा सके। सड़क बनकर तैयार होने के बाद न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि शहर की इस प्रमुख सड़क पर जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
